राजस्थान की कथावाचक और साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत दूसरे दिन भी रहस्य बनी हुई है. शुक्रवार को उनके पैतृक गांव परेऊ (बालोतरा) में उन्हें समाधि के साथ अंतिम विदाई दी गई, लेकिन गांव की मिट्टी में उन्हें सुपुर्द करने के बाद भी ये सवाल जिंदा हैं कि आखिर उनकी मौत कैसे हुई