ईरान ने अपनी रणनीति को दो मुख्य तरीकों से मजबूत किया है. सबसे पहले, उसने अपने मिसाइल और ड्रोन का विशाल भंडार तैयार किया है जिससे उसकी सैन्य क्षमता बढ़ी है. दूसरा, उसने अपनी सक्सेशन योजना को चार स्तरों में बनाया है ताकि सामरिक नेतृत्व में कोई कमी न आए. इसके अलावा, ईरान ने अपनी शक्ति को विकेंद्रीकृत किया और इसे आईआरजीसी के 31 प्रांतों को सौंप दिया है. इसका अर्थ है कि यदि केंद्रीय नेतृत्व कमजोर हो भी जाता है, तो भी देश की रक्षा के लिए कई स्तरों पर नेतृत्व उपलब्ध रहेगा.