पिछले 11 सालों में भारत ने 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व विकसित किया है. इसके अलावा, देश 65 लाख मीट्रिक टन से अधिक के डिपो बनाने की योजना पर भी काम कर रहा है. इस अवधि में भारत की रिफाइनिंग क्षमता में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है और आयात पर निर्भरता कम हुई है. यह विकास भारत की आर्थिक और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करता है.