सरकार ने सोना और चांदी की खरीद महंगी करने का फैसला किया है जिससे विदेशी आयात कम किया जा सके और विदेश मुद्रा भंडार पर दबाव घटे। इस कदम का मकसद भारत में कीमती धातुओं की मांग को नियंत्रित कर व्यापार घाटा कम करना तथा रुपये को सशक्त बनाना है।