हरियाणा में फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल से सामने आई यह घटना किसी एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के पूरी तरह ध्वस्त हो चुके सिस्टम की जीती-जागती और शर्मनाक मिसाल है. जिस अस्पताल को गरीबों के लिए जीवन रक्षक कहा जाता है, वहीं एक महिला की मौत के बाद उसके शव को सम्मान तक नसीब नहीं हुआ.