ओडिशा की सड़कों पर एक बुजुर्ग ने इंसानियत, प्रेम और जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. 75 साल के बाबू लोहार ने लकवाग्रस्त पत्नी ज्योति लोहार के इलाज के लिए आर्थिक तंगी के बावजूद हार नहीं मानी. पत्नी चलने फिरने में असमर्थ थीं और एंबुलेंस का खर्च उठाने के लिए पैसे नहीं थे.