एकनाथ शिंदे का कहना है कि महाराष्ट्र के लिए यह समय बहुत दुखद है और उनके परिवार के लिए यह और भी अधिक कष्टदायक है. अजित दादा एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें उनके स्पष्ट और सीधे बोलने के लिए जाना जाता था. वे बिना किसी रोक-टोक के अपनी बात रखते थे. उनके शब्दकोष में 'देखता हूं करता हूं' जैसे शब्द नहीं थे. वे कड़े शब्दों में भी बात करते थे, लेकिन उनकी सच्चाई और स्पष्टता उन्हें खास बनाती थी.