जब भी सायरन बजता है तो कई लोग डर जाते हैं और हिल जाते हैं. यह डर एक सामान्य भावना है और इसका मतलब यह नहीं कि कोई व्यक्ति कमजोर है. इस स्थिति में टिके रहना और अपने डर पर काबू पाना एक मजबूत चरित्र की निशानी है. कई समाजों में यह भावना आम है क्योंकि हममें से कई लोग इसे जन्म से ही महसूस करते आए हैं. मुझे लगता है कि यह मानसिक मजबूती और सहनशीलता की पहचान है जो हमें मुश्किल परिस्थितियों में भी खड़ा रखती है.