बिहार में वर्तमान लोकसभा प्रतिनिधित्व लगभग 7.4 प्रतिशत है लेकिन परिसीमन के बाद यह प्रतिशत बढ़कर 8.6 प्रतिशत हो जाएगा. इसका मतलब है कि बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों की लोकसभा सीटों में वृद्धि होगी और कुल मिलाकर लगभग 1.2 सीटें बढ़ेंगी. यह परिवर्तन बिहार के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करेगा और जनसंख्या के अनुपात में बेहतर हिस्सेदारी देगा.