आजादी के बाद से लेकर आज तक मुसलमानों को एक अलहदा समूह के तौर पर देखा गया और भाजपा ने उन्हें अक्लियत बताकर अलग रखने की कोशिश की. हालांकि, हमारे देश में मुसलमान, सिख, क्रिश्चियन और अन्य सभी समुदायों को एक साथ मिलकर देश को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है. हमें सभी भाइयों को मिलाकर एकजुट होकर विकास के रास्ते पर बढ़ना होगा.