राजनीतिक विश्लेषक आशुतोष ने संसद में बीते दिनों हंगामे को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संविधान लागू होने के बाद से संसद के भीतर अब तक इतनी अवहेलना कभी नहीं देखी गई है. विपक्ष के नेताओं को बोलने का मौका नहीं मिला और नेता अपनी बात स्पष्ट रूप से नहीं रख पाए. संसद में पूर्व प्रधानमंत्रियों का चरित्र हनन किया जा रहा है.