अचानक फटा इंडोनेशिया का ज्वालामुखी, 11 पर्वतारोहियों की मौत... चारों तरफ राख ही राख

इंडोनेशिया के पश्चिमी सुमात्रा में मौजूद मरापी ज्वालामुखी (Marapi Volcano) अचानक फट पड़ा. इस वजह से उसके ऊपर मौजूद 11 पर्वतारोहियों की मौत हो गई. यहां से लगातार राख निकल रही है. आसपास के गांवों, कस्बों में राख की चादर फैल गई है. देखिए तबाही की Photos...

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ये है इंडोनेशिया का मरापी ज्वालामुखी जहां पर रविवार को अचानक विस्फोट होने से 11 लोगों की मौत हो गई. (सभी फोटोः रॉयटर्स) ये है इंडोनेशिया का मरापी ज्वालामुखी जहां पर रविवार को अचानक विस्फोट होने से 11 लोगों की मौत हो गई. (सभी फोटोः रॉयटर्स)

आजतक साइंस डेस्क

  • सुमात्रा,
  • 04 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 7:11 PM IST

Indonesia में मौजूद मरापी ज्वालामुखी में 3 दिसंबर 2023 को अचानक विस्फोट हो गया. जिसकी वजह से वहां मौजूद 11 पर्वतारोहियों की मौत हो गई. 9843 फीट ऊंचा ज्वालामुखी लगातार राख के गुबार उगल रहा है. इंडोनेशिया की डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी BNPB ने लोगों से ज्वालामुखी के पास न जाने की सलाह जारी की है. 

ज्वालामुखी विस्फोट के बाद काफी तेज गति में राख निकल रहा था. इससे आसपास के शहरों में राख के बादल छा गए. सड़कों, घरों, पेड़ों और गाड़ियों सब पर राख ही राख फैल गई. स्थानीय प्रशासन ने लोगों को ज्वालामुखी के आसपास तीन किलोमीटर के घेरे तक जाने से मना किया है. 

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मरापी ज्वालामुखी के विस्फोट के बाद दूसरे स्तर का अलर्ट जारी किया गया है. डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के आदे सेतियावान ने कहा कि हमने स्थानीय लोगों को मास्क दिया है. साथ ही उन्हें घरों में रहने की सलाह दी है. ताकि वो लोग जहरीले राख के बीच न घूमें. 

सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी इंडोनेशिया में  

दुनिया में 1500 एक्टिव यानी सक्रिय ज्वालामुखी है. दुनिया में सबसे ज्यादा सक्रिय यानी एक्टिव ज्वालामुखी इंडोनेशिया  में हैं. यहां पर कुल 121 ज्वालामुखी हैं. जिसमें से 74 ज्वालामुखी सन 1800 से सक्रिय हैं. इनमें से 58 ज्वालामुखी साल 1950 से सक्रिय हैं. यानी इनमें कभी भी विस्फोट हो सकता है. सात ज्वालामुखियों में तो 12 अगस्त 2022 के बाद से लगातार विस्फोट हो ही रहा है. ये हैं- क्राकटाउ, मेरापी, लेवोटोलोक, कारांगेटांग, सेमेरू, इबू और डुकोनो. 

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क्यों होता है इन ज्वालामुखियों में विस्फोट? 

अब सवाल ये उठता है कि आखिर यहीं पर इतने सक्रिय ज्वालामुखी क्यों हैं? इसकी तीन बड़ी वजहें हैं. पहला ये कि इंडोनेशिया जिस जगह हैं, वहां पर यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट दक्षिण की ओर खिसक रही हैं. इंडियन-ऑस्ट्रेलियन टेक्टोनिक प्लेट उत्तर की ओर खिसक रही है. फिलिपीन्स प्लेट पश्चिम की तरफ जा रही है. अब इन तीनों प्लेटों में टकराव या खिसकाव की वजह से ज्वालामुखियों में विस्फोट होता रहता है. 

फटते हुए ज्वालामुखियों का देश है इंडोनेशिया

असल में इंडोनेशिया को फटते हुए ज्वालामुखियों का देश भी कहा जाता है. यह देश पैसिफिक रिंग ऑफ फायर (Pacific Ring of Fire) के ऊपर बसा है. इस इलाके में सबसे ज्यादा भौगोलिक और भूगर्भीय गतिविधियां होती हैं. जिसकी वजह से भूकंप, सुनामी, लावा के गुंबदों का बनना आदि होता रहता है. इंडोनेशिया का सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी केलूट (Kelut) और माउंट मेरापी (Mount Merapi) हैं. ये दोनों ही जावा प्रांत में हैं. 

अब आपको बताते हैं उन चार अन्य देशों के बारे में जहां पर सबसे ज्यादा एक्टिव ज्वालामुखी है. इंडोनेशिया के बाद अगर किसी देश में सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी हैं. तो वह है अमेरिका. यहां पर 63, जापान में 62, रूस में 49 और चिली में 34 सक्रिय ज्वालामुखी है. यानी ये सभी ज्वालामुखी या तो फट रहे हैं. या कभी भी फट सकते हैं. 

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