महिला और पुरुष का मिलन कैसे हुआ... साइंटिस्ट ने खोजी लाखों साल पुरानी मिस्ट्री

अभी के इंसानों को होमो सेपियंस कहते हैं. इससे पहले वाले के मानवों को निएंडरथल कहते थे. लाखों साल पहले निएंडरथल पुरुषों और होमो सेपियंस महिलाओं के बीच ज्यादा संबंध बने. एक नई जेनेटिक स्टडी में X क्रोमोसोम की जांच से पता चला कि ज्यादातर मामलों में निएंडरथल पिता और मानव माताएं थीं. यहां से शुरू हुई हम इंसानी नर और मादा के मिलन की कहानी.

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पहली बार निएंडरथल पुरुष और होमो सेपियंस महिला के बीच कब संबंध बना था, ये खुलासा हो गया है. (Photo: Reuters) पहली बार निएंडरथल पुरुष और होमो सेपियंस महिला के बीच कब संबंध बना था, ये खुलासा हो गया है. (Photo: Reuters)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:45 PM IST

लाखों साल पहले जब आधुनिक मनुष्य (होमो सेपियंस) और निएंडरथल एक ही इलाकों में रहते थे, तो वे कभी-कभी एक-दूसरे के साथ संबंध बनाते थे. इससे आज ज्यादातर लोगों में थोड़ा बहुत निएंडरथल डीएनए मौजूद है. 

एक नई स्टडी ने इस प्राचीन रहस्य का खुलासा किया. स्टडी बताती है कि ज्यादातर मामलों में निएंडरथल पुरुष और आधुनिक मानव महिलाओं से संबंध बनाए थे. जबकि अब तक इसका उल्टा सोचा जाता था. यह स्टडी 26 फरवरी 2026 को साइंस जर्नल में प्रकाशित हुई है.  

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वैज्ञानिकों को पता है कि निएंडरथल और आधुनिक मनुष्यों ने एक-दूसरे के साथ संबंध बनाए थे. इसका सबूत हमारे DNA में मिलता है. अफ्रीका के बाहर रहने वाले ज्यादातर लोगों में करीब 1-2 प्रतिशत निएंडरथल डीएनए है. यह डीएनए कुछ बीमारियों से लड़ने में मदद करता है तो कुछ बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है.

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यह डीएनए हमारे पूरे जीनोम में बराबर नहीं बंटा है. खासतौर पर हमारे एक्स क्रोमोसोम यानी सेक्स क्रोमोसोम में निएंडरथल डीएनए बहुत कम है. पहले वैज्ञानिक सोचते थे कि शायद ये जीन हमारे लिए हानिकारक थे, इसलिए समय के साथ प्रकृति ने उन्हें खत्म कर दिया.

नई स्टडी ने पुरानी सोच को बदला

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यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के शोधकर्ता अलेक्जेंडर प्लैट और उनकी टीम ने इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश की. उन्होंने निएंडरथल के जीनोम को ध्यान से देखा. उन्होंने 2.50 लाख साल पुराने एक मेटिंग इवेंट के दौरान मिक्स हुए जीन का विश्लेषण किया. नतीजा चौंकाने वाला था. 

निएंडरथल के X क्रोमोसोम में आधुनिक मानव (होमो सेपियंस) का डीएनए ज्यादा मिला – औसतन 1.6 गुना ज्यादा. वहीं, आधुनिक मनुष्यों के X क्रोमोसोम में निएंडरथल डीएनए कम था. यह मिरर इमेज पैटर्न सिर्फ एक चीज से समझाया जा सकता है – शारीरिक संबंध बनाने का तरीका.

महिलाओं में दो X क्रोमोसोम होते हैं. पुरुषों में एक X और एक Y. किसी भी आबादी में औसतन दो में से तीन एक्स क्रोमोसोम मां से आते हैं. अगर ज्यादा आधुनिक मानव महिलाएं निएंडरथल पुरुषों के साथ संबंध बनाती थीं, तो निएंडरथल का एक्स क्रोमोसोम मानव आबादी में कम पहुंचता. 

वहीं, निएंडरथल आबादी में मानव महिलाओं का एक्स क्रोमोसोम ज्यादा पहुंचता. यही पैटर्न स्टडी में मिला. यह सेक्स आधारित झुकाव दिखाता है. निएंडरथल पुरुष और आधुनिक मानव महिलाएं को ज्यादा पसंद करते हैं. 

क्या वजह थी इस झुकाव की?

वैज्ञानिक अभी भी नहीं जानते कि यह संबंध कैसे बने. क्या मानव महिलाएं निएंडरथल समूहों में गईं? या निएंडरथल पुरुष मानव बस्तियों की ओर आकर्षित हुए? क्या ये संबंध शांतिपूर्ण थे, प्यार भरे थे, गुप्त थे या हिंसक? 

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मिशिगन यूनिवर्सिटी के पॉपुलेशन जेनेटिक्स एक्सपर्ट शिंजुन झांग कहते हैं कि हम समय में पीछे नहीं जा सकते, इसलिए शायद कभी सटीक जवाब नहीं मिलेगा. लेकिन स्टडी बताती है कि यह सिर्फ सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट नहीं था. यह हमारी संस्कृति, समाज और व्यवहार का नतीजा था.

स्टडी अन्य कारणों को पूरी तरह खारिज नहीं करती. हो सकता है कि निएंडरथल महिलाओं और मानव पुरुषों के बच्चे कम जीवित रहते हों. लेकिन सबसे सरल और संभावित वजह संबंध बनाने की प्राथमिकता है. रिसर्चर अलेक्जेंडर प्लैट कहते हैं, यह दिखाता है कि जब भी दोनों प्रजातियां साथ आईं तो निएंडरथल पुरुष और आधुनिक मानव महिलाएं ज्यादा के बीच बेहतर संबंध बनें. 

यह अध्ययन सिर्फ प्राचीन गॉसिप नहीं है. यह बताता है कि हमारे जीन कैसे बने. प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के जेनेटिक्स विशेषज्ञ जोशुआ एकी कहते हैं कि यह स्टडी पजल के कई गायब टुकड़ों को जोड़ती है. आज हममें मौजूद निएंडरथल डीएनए इसी प्राचीन मिलन का नतीजा है. 

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