एस्ट्रोनॉमी में रुचि रखने वालों के लिए आने वाले दिन खास होने वाले हैं. इस बार फरवरी में दो खगोलीय घटनाएं एक साथ होने जा रही हैं. 17 फरवरी को Annular Solar Eclipse यानी वलयाकार सूर्य ग्रहण दिखेगा, जबकि महीने के आखिर में 28 फरवरी के आसपास 6 ग्रहों की शानदार प्लैनेट पैरेड अपने पीक पर पहुंच जाएगी. दुनिया भर के लोग इन दोनों कमाल के नजारों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
स्काईमेट वेदर के अनुसार, प्लैनेट पैरेड एक विजुअल अलाइनमेंट होता है, जहां कई ग्रह पृथ्वी से देखने पर आसमान के एक ही हिस्से में एक साथ चमकते नजर आते हैं. फरवरी 2026 की इस खास घटना में 28 तारीख के आसपास शुक्र, बुध, शनि, नेपच्यून, यूरेनस और बृहस्पति सूर्यास्त के बाद रात को आसमान में एक साथ दिखेंगे. ये कोई असली ग्रहों का ग्रुप या गुरुत्वाकर्षण समूह नहीं होता है, बस हमारी नजर के पर्सपेक्टिव इफेक्ट होता है.
ऐसे देखे जा सकते हैं ये ग्रह
कुछ चमकदार ग्रह जैसे शुक्र आसानी से नंगी आंखों से दिख जाते हैं, बस आसमान साफ हो और वो क्षितिज से थोड़ा ऊपर हों. लेकिन नेपच्यून जैसे धुंधले ग्रहों को पकड़ने के लिए बाइनोक्यूलर या टेलीस्कोप की जरूरत पड़ती है. अगर ग्रह क्षितिज के बहुत करीब हों या शाम की गोधूलि (ट्वाइलाइट) ज्यादा हो, तो इनको देखना काफी मुश्किल हो जाता है.
17 फरवरी को वलायकार सूर्य ग्रहण
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूर्य की रोशनी को आंशिक रूप से पूरी तरह से ढक लेता है. वलायकार सूर्य ग्रहण में चंद्रमा अपनी कक्षा के सबसे दूर बिंदु (एपोजी) के पास होता है, इसलिए वो छोटा दिखता है और सूर्य के चारों ओर चमकदार घेरा या रिंग ऑफ फायर बन जाता है.
ये पूर्ण सूर्य ग्रहण से अलग है, जहां चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है. इस बार 17 फरवरी 2026 को ये स्पेशल एनुलर सोलर एक्लिप्स (वलायकार सूर्य ग्रहण) होगा. अंटार्कटिका के ऊपर एक संकरी पट्टी में यह वलयाकार सूर्य ग्रहण साफ देखा जा सकेगा. वहीं, दक्षिणी दक्षिण अमेरिका और दक्षिणी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में लोग आंशिक ग्रहण की झलक पकड़ पाएंगे.
आजतक साइंस डेस्क