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मंगल का चांद धीरे-धीरे जा रहा है उसके पास, Phobos टूटकर बनाएगा शनि ग्रह जैसी रिंग

aajtak.in
  • वाशिंगटन,
  • 03 मई 2022,
  • अपडेटेड 3:21 PM IST
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कुछ दिन पहले, नासा (NASA) के पर्सिवरेंस रोवर (Perseverance Rover) ने मंगल (Mars) की सतह से, सूर्य के सामने फोबोस (Phobos) की एक बेहद खूबसूरत फोटो कैप्चर की. यह मंगल ग्रह का ग्रहण था. नासा ने फोबोस के बारे में बहुत ही अहम जानकारी दी. नासा के मुताबिक, मंगल के चंद्रमा फोबोस का एक दिन लाल ग्रह से टकराना निश्चित है. (Photo: Getty)

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आपको बता दें कि मंगल के दो चांद हैं- फोबोस (Phobos) और डीमोस (Deimos). फोबोस मंगल के ज्यादा करीब है, जो धीरे-धीरे मंगल के और नजदीक पहुंच रहा है. जबकि, डीमोस मंगल की कक्षा छोड़ने तक हमेशा बाहर की तरफ बढ़ेगा. (Photo: NASA)

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नासा का कहना है कि फोबोस हर सौ साल में छह फीट (1.8 मीटर) की दर से मंगल ग्रह के नजदीक जा रहा है. इस दर पर, या तो यह 5 करोड़ सालों में मंगल से टकरा जाएगा. टक्कर से निकला कचरा मंगल ग्रह के चारों तरफ रिंग में बदल जाएगा. यह एकदम शनि ग्रह के रिंग्स जैसा हो सकता है. या फिर मंगल या बृहस्पति ग्रह के बीच मौजूद एस्टेरॉयड्स के छल्लों की तरह दिखेगा.  (Photo: NASA)

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नासा ने हाल ही में Perseverance द्वारा ली गई ग्रहण की तस्वीर पर चर्चा करते हुए कहा था कि वैज्ञानिकों को पहले से ही पता है कि फोबोस बर्बाद होने जा रहा है. चंद्रमा मंगल ग्रह की सतह के करीब आ रहा है और कुछ करोड़ साल में यह ग्रह से टकराएगा. (Photo: Getty)

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हमारा अपना चंद्रमा, हर साल लगभग 3.78 सेंटीमीटर (1.5 इंच) की दर से पृथ्वी से दूर जा रहा है. इसका मतलब यह है कि भविष्य में हमारे वंशज पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) नहीं देख पाएंगे. क्योंकि चंद्रमा दूर होकर इतना छोटा दिखेगा कि सूरज को ढक नहीं पाएगा. (Photo: Getty)

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नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर (NASA's Goddard Space Flight Center) के लूनर साइंटिस्ट रिचर्ड वोंड्रक (Richard Vondrak) ने 2017 में कहा था कि समय के साथ, पूर्ण सूर्य ग्रहणों की संख्या और आवृत्ति कम हो जाएगी. अब से लगभग 60 करोड़ साल बाद, पृथ्वी पूर्ण सूर्य ग्रहण की सुंदरता का अनुभव आखिरी बार करेगी. (Photo: Getty)

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सूर्य और चंद्रमा आकाश में लगभग एक ही आकार के दिखते हैं, क्योंकि सूर्य चंद्रमा की तुलना में, पृथ्वी से लगभग 400 गुना दूर है. साथ ही, व्यास में लगभग 400 गुना बड़ा है. 40 लाख साल पहले, चंद्रमा के अपनी वर्तमान कक्षा में जाने से पहले, यह अब जितना बड़ा है, उससे लगभग तीन गुना बड़ा दिखाई देता था. (Photo: Getty)

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