(Navratri 2018) शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ 10 अक्टूबर से हो रहा है. नवरात्रि में देवी पूजन से सारी मनोकामनाएं पूरी की जा सकती हैं. वैसे तो नवरात्रि में हर वक्त मां का स्मरण लाभदायी है लेकिन रात्रि में पूजन करने से यह लाभ कई गुना बढ़ जाता है.
नवरात्रि का महत्व (Navratri Significance)
नवरात्र शब्द से नव अहोरात्रों का बोध करता है, नवरात्रि में शक्ति के नव रूपों की उपासना की जाती है, रात्रि शब्द सिद्धि का प्रतीक है. उपासना और सिद्धियों के लिए दिन से अधिक रात्रियों को महत्व दिया जाता है. इसलिए अधिकतर पर्व रात्रियों में ही मनाए जाते हैं. रात्रि में मनाए जाने वाले पर्वों में दीपावली, होलिकादहन, दशहरा शिवरात्रि और नवरात्रि आते हैं.
बस इतनी देर है कलश स्थापना का मुहूर्त, बरतें ये सावधानियां
नवरात्रों के नौ दिनों की रात्रियों को मां दुर्गा की पूजा, उपासना और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने के लिए प्रयोग करना चाहिए.
Navratri 2018: नवरात्रि पर ये अद्भुत संयोग, होगा लाभ ही लाभ
नवरात्रि में कैसा भोजन करें
नवरात्रि में हल्का, शुद्ध और सात्विक भोजन सब को करना चाहिए. क्योंकि ये ऋतु परिवर्तन का समय है ऐसे में हल्का भोजन सेहत के लिए अच्छा रहता है. वहीं जो लोग व्रत रखते हैं वो फल और व्रत वाले पदार्थ प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.
नवरात्र के दौरान भूलकर भी ना करें ये 12 काम!
नवरात्रि में रात में क्यों करें पूजन
भारतीय परंपरा में ध्यान, पूजा और आध्यात्मिक चिंतन के लिए शांत वातावरण को जरूरी माना गया है रात में शांति रहती है प्राकृतिक और भौतिक दोनों प्रकार के बहुत सारे अवरोध रात में शांत हो जाते हैं. ऐसे शांत वातावरण में मां दुर्गा की पूजा, उपासना और मंत्र जाप करने से विशेष लाभ होता है और मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामना पूरी होती है.
प्रज्ञा बाजपेयी