सावन शिवरात्रि: धरती पर क्‍यों रहते हैं शिव-पार्वती?

सावन का महीना शिव और शिव भक्तों का प्रिय महीना है. इस महीने में भोलेनाथ के लिंग रूप की पूजा का खास महत्व है.

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भगवान शिव-मां पार्वती भगवान शिव-मां पार्वती

सावन का महीना शिव और शिव भक्तों का प्रिय महीना है. इस महीने में भोलेनाथ के लिंग रूप की पूजा का खास महत्व है. कहा जाता है कि इस महीने में शिव लिंग पर जल चढ़ाने वाले भक्तों को विशेष वरदान मिलता है और उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

धरती पर रहते हैं शिव-पार्वती

कहा जाता है कि सावन माह के प्रारंभ होते ही सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु विश्राम के लिए अपने लोक चले जाते हैं. वे अपना सारा कार्यभार भगवान शिव को सौंप देते हैं. भगवान शिव माता पार्वती के साथ पृथ्वीलोक पर रहकर धरती वासियों का संरक्षण करते हैं.

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भगवान शिव और सावन

श्रावण मास में वर्षा सबसे अधिक होती है. चूंकि भगवान शिव के तीनों नेत्र सूर्य, चंद्र और अग्नि के स्वरूप हैं, इसके अलावा कंठ में विष होने के कारण शिव का शरीर काफी गर्म रहता है. सावन में वर्षा ऋतु होने के कारण वजह से शिव के शरीर को काफी ठंडक मिलती है. इस वजह से भी शिव को सावन माह अत्यधिक प्रिय है.

 

 

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