2019 में इन राशियों पर रहेगा शनि की ढैया और साढ़ेसाती का प्रभाव

साल 2019 में तीन राशियों पर शनि की साढ़े साती बनी रहेगी. आइए जानते हैं शनि को प्रसन्न करने के महाउपाय क्या-क्या हैं....

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 18 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST

ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्यायाधीश माना गया है. जन्म पत्रिका का आकलन करते समय के प्रभाव को भी देखना बहुत जरूरी है. वह शुभ है या अशुभ. शनि एक राशि में ढाई वर्ष तक रहते हैं. गोचर के अनुसार शनि जिस राशि में स्थित होते हैं, उसके साथ ही उस राशि से दूसरी और बारहवीं राशि पर शनि का प्रभाव साढ़ेसाती कहलाता है. जन्म कुंडली में जिस राशि में चंद्रमा होता है, उस राशि से चतुर्थ और अष्टम भाव में शनि का गोचर ढैया कहलाता है.

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किन राशियों पर 2019 में शनि की ढैया और साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा?

शनि की ढैया और साढ़ेसाती हमेशा हमारे कर्मों के आधार पर शुभ या अशुभ परिणाम देती है, क्योंकि शनि को कर्म का कारक माना गया है. वर्ष 2019 में शनि की साढ़ेसाती वृश्चिक, धनु और मकर राशि वाले लोगों पर रहेगी. इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए शनि का उपाय जरूर करें. वर्ष 2019 में शनि की ढैया वृषभ और कन्या राशि वाले लोगों पर रहेगी. ये लोग भी शनि को शुभ करने के लिए कुछ ना कुछ उपाय अवश्य करें.

शनि को सरल उपाय से कैसे ठीक करें?

- शनि को ठीक करने के लिए सबसे पहले अपने आचरण को ठीक करें.

- शनि का शुभ परिणाम पाने के लिए अपने माता पिता का सम्मान करें.

- अपने घर की पश्चिम दिशा को हमेशा साफ-सुथरा रखें.

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- शनि का शुभ परिणाम पाने के लिए कभी भी किसी का पैसा जमीन जायदाद ना हड़पें.  

- शनि को शुभ करने के लिए घर में काम करने वाले नौकर- नौकरानी का पैसा हमेशा समय पर दें.

- हमेशा धार्मिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें.

शनि को प्रसन्न करने का महा उपाय-

- एक लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरें, उसमें शनिवार की शाम को अपना चेहरा देख कर दान करें.

- काली उड़द की दाल की खिचड़ी बना कर जरूरतमंद लोगों में बांटें.

- काला कपड़ा काला कंबल लोहे के बर्तन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें.

- शनि के मंत्र का जाप 3 माला रोज शाम को करें.

(ॐ शं शनिश्चरायै नमः)

- शनिवार की शाम को सरसों के तेल का दिया पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं और पीपल के पेड़ की सात परिक्रमा करें ऐसा लगातार 40 शनिवार करें.

-  हर शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें.

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