शनि संतुलन और न्याय का ग्रह है. शनि देव गलत और बेईमान लोगों को पीड़ित करते हैं तो ईमानदार, परिश्रमी लोगों को पुरस्कृत करते हैं. शनि को सीमा ग्रह कहा जाता है, क्योंकि जहां सूर्य का प्रभाव खत्म होता है वहीं से शनि का प्रभाव शुरू होता है. ज्योतिष के जानकारों का ये मानना है कि शनि की नजर बेहद महत्वपूर्ण है.
समस्त ग्रहों में सबसे ज्यादा ताकतवर दृष्टि शनि की होती है. इसके पास सातवीं के अलावा तीसरी और दसवीं दृष्टि भी होती है. ये दृष्टि जिस ग्रह, भाव या व्यक्ति पर पड़ती है उसका नाश हो जाता है. शनि की दृष्टि अलग-अलग ग्रहों पर पड़कर अलग-अलग दुष्परिणाम पैदा करती है.
कुछ सरल उपाय शनि को करेंगे प्रसन्न
अगर शनि नाराज हो जाएं तो लग जाता है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि शनि की बुरी नजर से बचने के उपाय क्या हैं. ताकि शनि की कृपा आप पर बनी रहे. ज्योतिष में कुछ सरल उपाय हैं जिन्हें अपनाकर आप शनि की टेढ़ी नजर से बच सकते हैं.
- कभी भी शनि के किसी ऐसी मूर्ति के दर्शन ना करें जिसमें शनि की आंखें हो.
- हर शनिवार के दिन लाल वस्त्र धारण करके हनुमान जी के सामने खड़े हों. हनुमानजी की पूजा से शनिदेव शांत रहते हैं.
- हनुमान चालीसा का पाठ करें.
- रोज शाम शनि देव के मंत्र का जाप करें.
- घर के छोटों और सहायकों के साथ अच्छा व्यवहार रखें.
- नीले रंग का अधिक से अधिक प्रयोग करें.
- इसके साथ ही आप कुछ और उपायों से शनि को प्रसन्न कर सकते हैं...
- जीवन में ईमानदार बनें, सत्य बोलें और बड़े बुजुर्गों को सम्मान दें.
- तुलसी के पौधे में और पीपल में जल डालें.
- शनिवार सायंकाल सरसों के तेल का दीपक चौराहे या पीपल के नीचे जलाएं.
- कभी भी हरे पेड़ ना काटें, गर्भपात ना करवायें.
- सूर्योदय के पूर्व अवश्य जागें और शिव जी की उपासना करें.
- शनि देव के मूल का जाप करें.
अच्छे कर्म दिलाएंगे शनि कृपा
- शनिदेव अच्छे कर्म वालों का भाग्योदय करते हैं.
- शनिदेव शुभ कर्म वालों की धन-सम्पत्ति का सदुपयोग कराते हैं.
- शनिदेव गृहस्थ जीवन को सुखद बनाते हैं.
- धर्म की राह पर चलने की प्रेरणा देकर तपस्या को बढ़ाते हैं.
प्रज्ञा बाजपेयी