जानें, मंगल के प्रथम भाव में होने से जीवन पर क्या असर पड़ता है?

सभी जानते हैं कि मंगल व्यक्ति के जीवन को कई तरह से प्रभावित करता है. आइए जानते हैं मंगल के प्रथम भाव में होने से व्यक्ति के जीवन पर क्या असर पड़ता है और क्यों...

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 03 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 5:29 PM IST

मंगल शक्ति के साथ-साथ भावनाओं का स्वामी भी होता है. यह वैवाहिक जीवन की हर भावना को प्रभावित करता है. इसलिए विवाह के समय मंगल दोष को देखना महत्वपूर्ण हो जाता है.

मंगल का कुंडली के कुछ विशेष भावों में स्थित होना मंगल दोष कहलाता है. मान्यता है कि मंगली व्यक्ति का विवाह मंगली से ही कराया जाना चाहिए, अन्यथा वैवाहिक जीवन में बड़ी समस्याएं आ सकती हैं. कभी-कभी तो ये भी कहा जाता है कि मंगल दोष होने से दूसरे पक्षकार की मृत्यु तक हो सकती है.

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मंगल दोष का सच क्या है?

- मंगल जब कुंडली के लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में हो तो कुंडली में मंगल दोष होता है.

- मंगल एक क्रूर ग्रह है, अतः विवाह पर इसका प्रभाव होना एक समस्या बनता है.

- मंगल दोष होने पर विवाह के मामले में सावधानी रखनी चाहिए.

- मंगल दोष में भी लग्न, और अष्टम भाव का दोष ज्यादा गंभीर होता है.

- अगर मंगल दोष केवल एक ही पक्षकार की कुंडली में है, तो दूसरे पक्षकार से तालमेल काफी खराब हो जाता है.

- मंगल दोष के साथ अगर शनि का संबंध हो तभी दूसरे पक्षकार के जीवन का संकट हो सकता है.      

- मगल अगर सूर्य के कारण अस्त हो या उसपर बृहस्पति का प्रभाव हो तो यह दोष काफी हद तक कमजोर हो जाता है.

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- मंगल कुपित हो तो वैवाहिक जीवन टूटता चलता रहता है.

अगर मंगल प्रथम भाव में हो तो जीवन पर क्या असर पड़ता है?

- व्यक्ति साहसी और पराक्रमी होता है.

- बहुत ज्यादा सुन्दर नहीं होता, चेहरे पर लालिमा रहती है.

- मंगल माता और जीवनसाथी के प्रति खराब व्यवहार करवाता है.

अगर मंगल चतुर्थ भाव में हो?

- ऐसे लोग बड़े शक्तिशाली और आकर्षक होते हैं.

- दूसरों को बड़ी तेजी से अपनी और आकर्षित करते हैं.

- मंगल वैवाहिक जीवन में तालमेल में समस्या देता है.

- मंगल दोष सबसे कम अशुभ प्रभाव पैदा करता है.

अगर मंगल सप्तम भाव में हो?

- यह मंगल व्यक्ति के अंदर उग्रता और हिंसा पैदा करता है.

- इसके कारण व्यक्ति चीज़ों को लेकर बहुत ज्यादा उपद्रव करता है.

- मंगल संपत्ति और संपत्ति सम्बन्धी कार्यों में लाभकारी होता है.

- इस मंगल के कारण अक्सर वैवाहिक जीवन में हिंसा आ जाती है.

अगर मंगल अष्टम भाव में हो?

- यह मंगल वाणी और स्वभाव को खराब कर देता है.

- इसके कारण जीवन में अकेलापन पैदा होता है.

- कभी-कभी पाइल्स और त्वचा की समस्या हो जाती है.

- ऐसा मंगल वैवाहिक जीवन में अलगाव या दुर्घटनाओं का कारण बनता है.

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अगर मंगल द्वादश भाव में हो?

- यह मंगल सुख और विलास की इच्छा को भड़काता है.

- ऐसे लोग किसी भी चीज़ से संतुष्ट नहीं होते.

- यह मंगल वैवाहिक जीवन और रिश्तों में अहंकार की समस्या पैदा कर देता है.

मंगल दोष से बचने के उपाय क्या हैं?

- नित्य प्रातः और सायं हनुमान चालीसा का पाठ करें.

- मंगलवार को हनुमान जी को सिन्दूर या लाल फूल चढ़ाएं.

- परामर्श लेकर ओपल और मोती धारण करें.

- मंगलवार का उपवास भी लाभकारी होगा.

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