छठ पूजा 2017: छठ पर्व के लिए मशहूर हैं ये 7 गानें, यहां सुने

छठ पूजा के त्योहार को महापर्व कहा जाता है. यह दिवाली के छठे दिन शुरू होता है, इसलिए इसे छठ पर्व कहा जाता है. यह पर्व सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि पूरे भारत और कुछ दूसरे देशाें में भी मनाया जाता है. कहते हैं छठ का गीत सुनने से पाप दूर होते हैं और कष्ट कम होता है. यहां सुनें छठ के कुछ गीत...

Advertisement
representational image representational image

वंदना भारती

  • नई दिल्ली,
  • 23 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 12:04 PM IST

छठ पूजा के त्योहार को महापर्व कहा जाता है. यह दिवाली के छठे दिन शुरू होता है इसलिए इस पर्व को छठ कहा जाता है. यह पर्व सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि देश के कई राज्यों में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है. यहां तक कि यह दूसरे देशों में भी मनाया जाता है. जैसे कि नेपाल, मॉरिसस, अमेरिका आदि.

Advertisement

ऐसी मान्यता है कि अपने जातकों की मनोकामना पूरी करती हैं और उनके संतानों की रक्षा करती हैं.

छठ शुरू होने से एक महीने पहले से ही छठ गीत हर तरफ सुनाई देने लगते हैं. लोग गीतों के जरिये को याद करते हैं और उनसे अपनी संतान की आयु और स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते हैं.

कहते हैं कि के गीत गाने और सुनने से छठी माता सारे कष्ट दूर करती हैं और सुखी जीवन का आर्शीवाद देती हैं.

इस पर्व पर कई सारे गीत गाए जाते हैं, जिससे इस पर्व का रोनक में चार चांद लग जाते हैं.

इतना ही नहीं बल्कि छठ पर गीतों के माध्यम से सूर्य देवता और छठ मैया दोनों की प्राथना की जाती है. वैसे तो में गाए जाने वाले गीत कई क्षेत्रीय भाषाओं में होते हैं, लेकिन इनमें सबसे ज्यादा भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका भाषा वाले गीत होते हैं.

Advertisement

क्योंकि यह भाषा बिहार, झारखंड के साथ पूर्वंचल में भी बोली जाती है.

ये हैं छठ पर्व पर गाए जान वाले सबसे लोकप्रिए गीत:

केलवा के पात पे उगेलन सुरुजमल....

हो दीनानाथ...

नरियरवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेडराय, तोके मरबो रे सुगवा धनुख से ...

छठी मइया के दिहल ललनवा...

पटना के घाटे अरघ देहब...

दउरा मथवा पे उठाईं ऐ पिंटू के पापा...

पटना के घाट पे हमहूं अर्घ‍िया देबई ऐ छठी मइया, हम नाहीं जाइब दूसर घाट ऐ छठी मइया...

Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement