ये है भगवान शिव को खुश करने का खास मंत्र

महादेव के इस मंत्र का जाप करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. ये वो महामंत्र है जिनका जाप करने वाला सफलता की सीढ़ी चढ़ता जाता है.

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इस मंत्र के जाप से दूर होगा हर कष्ट इस मंत्र के जाप से दूर होगा हर कष्ट

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 8:40 AM IST

भगवान शिव अपने भक्तों पर जल्द प्रसन्न हो जाते हैं. जटाधारी शिव शंकर को प्रसन्न करने में किसी भी मनुष्य को कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़ता है.

महादेव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं. इस मंत्र के जाप में अपार शक्ति है. महादेव से ज्यादा पूज्यनीय और कोई नहीं है. महादेव के मंत्र महाशक्तिशाली है. इसके अचूक असर होते हैं. इन मंत्रों का जाप करने मात्र से व्यक्ति की सारी चिंताएं प्रभु तुरंत दूर कर देते हैं. ये वो महामंत्र है जिनका जाप करने वाला सफलता की सीढ़ी चढ़ता जाता है. शिवजी के महामृत्युंजय मंत्र को महामंत्र कहा जाता है. इसमें भगवान शिव के महामृत्युंजय रूप से लंबी आयु की प्रार्थना की जाती है. यह मंत्र कई तरह से प्रयोग में लाया जाता है.

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मंत्र के जाप करने के नियम-

मंत्र का जाप सुब-शाम किया जाता है.

परेशानी और संकट के समय कभी भी इस मंत्र का जाप किया जाता है.

जाप रुद्राक्ष की माला से जाप करना बेहतर होगा.

भगवान शिव के चित्र या शिवलिंग के सामने इस मंत्र का जाप करना चाहिए.

मंत्र जाप के पहले शिवजी को बेलपत्र और जल अर्पित करें.

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अलग-अलग समस्याओं के लिए अचूक मंत्र-

एकाक्षरी महामृत्युंजय मंत्र- 'हौं'. स्वास्थ्य अच्छा बना रहे इसके लिए सुबह उठकर इस मंत्र का जाप करें.

त्रयक्षरी महामृत्युंजय मंत्र- 'ऊं जूं स:' जब आपको छोटी-छोटी बीमारियां परेशान करें तो ये मंत्र प्रभावशाली होता है. रात में सोने के पहले इस मंत्र का कम से कम 27 बार जाप करें. इससे आपको कोई भी बीमारी परेशान नहीं करेगी.

चतुराक्षी महामृत्युंजय मंत्र- 'ऊं हौं जूं स:' सर्जरी और दुर्घटना जैसी संभावनाएं हो तो ये मंत्र लाभकारी होता है सुबह शिव जी को जल अर्पित करके 3 माला जाप करना चाहिए, इससे हर दुर्घटना से बच सकेंगे.

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दशाक्षरी महामृत्युंजय महामंत्र- 'ऊं जूं स: माम पालय पालय' इसे अमृत मृत्युंजय मंत्र कहते हैं जिसके लिए इस मंत्र का जाप करना है, उसका नाम इस मंत्र में प्रयोग करें. तांबे के बर्तन में जल भरकर उसके सामने इस मंत्र का जाप करें. फिर उस जल को उसे पिलाएं जिसे आयु या स्वास्थ्य की समस्या हो रही हों.

मृत संजीवनी महामंत्युंजय मंत्र-

ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः

ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

उर्वारुकमिव बन्‍धनान्

मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात्

ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ !!

ज्योतिषी कहते हैं कि महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से कोई भी रोग दूर हो जाता है.

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