Ganesh Mahotsav 2024 Date: भगवान गणेश की पूजा का खास महत्व है. गणेश महोत्सव की शुरुआत 7 सितंबर से हो चुकी है और इस त्योहार का समापन 17 सितंबर को अनंत चतुदर्शी के दिन होगा. साथ ही, लोग भगवान गणेश के दर्शन के लिए उनके मंदिरों में जा रहे हैं. देशभर में गणेश जी के ऐसे कई मंदिर हैं जिनके दर्शन से लाभ मिलता है. तो आइए जानते हैं श्रीगणेश जी के उन चमत्कारी मंदिरों के बारे में.
सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई (Siddhi-Vinayak Mandir- Mumbai)
जब भी भगवान गणेश की बात होती है तो सबसे पहला ख्याल सिद्धिविनायक मंदिर का आता है. मुंबई में स्थित बप्पा का यह भव्य और खूबसूरत मंदिर सालों से भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है. कहा जाता है कि जिन मंदिरों में भगवान गणेश की प्रतिमा की सूंड दाईं तरफ होती है वो मूर्तियां सिद्धिपीठ से संबंधित होती हैं और उन मंदिरों को सिद्धिविनायक कहा जाता है.
चिंतामण गणपति, उज्जैन (Shri Chintaman Ganesh Temple, Ujjain)
उज्जैन के सबसे प्राचीन मंदिर में से एक है चिंतामण गणपति. गर्भगृह में प्रवेश करते ही गणेशजी की तीन प्रतिमाएं दिखाई देती हैं. पहली चिंतामण, दूसरी इच्छामन और तीसरी सिद्धिविनायक. ऐसी मान्यता है कि चिंतामण चिंता से मुक्ति प्रदान करते हैं, इच्छामन अपने भक्तों की कामनाएं पूर्ण करते हैं जबकि सिद्धिविनायक स्वरूप सिद्धि प्रदान करते हैं.
मोती डूंगरी गणेश मंदिर – जयपुर (Moti Dungri Ganesh Temple, Jaipur)
छोटी काशी कहे जाने वाले जयपुर में भगवान गणेश का एक ऐसा चमत्कारी मंदिर स्थित है जिसके बारे में कहा जाता है कि, यह भगवान गणेश के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है. इस मंदिर के बारे में लोगों की असीम श्रद्धा है. इस मंदिर में स्थित भगवान गणेश की मूर्ति को चमत्कारी माना गया है. माना जाता है इस मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा जयपुर नरेश माधोसिंह प्रथम की रानी के पीहर मावली से 1731 ई.में लाई गई थी. मावली में यह प्रतिमा गुजरात से लाई गई थी.
उच्ची पिल्लायर मंदिर, तिरुचिरापल्ली (Ucchi Pillayar Temple, Tiruchirapalli)
भगवान गणेश का अगला मंदिर है तमिलनाडु का प्रसिद्ध उच्ची पिल्लायार मंदिर जो तिरुचिरापल्ली में त्रिचि नाम की जगह पर रॉक फोर्ट पहाड़ी की चोटी पर बसा हुआ एक बेहद खूबसूरत मंदिर है. इस मंदिर के बारे में सबसे प्रसिद्ध बात यह है कि इस मंदिर की स्थापना का कारण रावण का धर्मनिष्ठ भाई विभीषण को माना जाता है. बेहद ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर में पहुंचने के लिए लगभग 400 सीढ़ियों की चढ़ाई करनी पड़ती है.
कनिपकम विनायक मंदिर – चित्तूर (Kanipakam Vinayaka Temple, Chittoor)
आंध्रप्रदेश में मौजूद भगवान गणेश के इस मंदिर को भी चमत्कारी माना जाता है. वजह है इस मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति जो लगातार अपना आकार बढ़ा रही है. यही वजह है कि इस मंदिर में अलग-अलग आकार के कवच रखे गए हैं. इस मंदिर के बारे में लोगों के बीच ऐसी मान्यता है कि यहां आने वाले भक्तों के सभी दुःख और पाप भगवान गणेश तुरंत ही हर लेते हैं.
कलामस्सेरी/मधुर महागणपतये मंदिर, केरल (Kalamassery/Madhur Mahaganapathi Temple, Kerala)
भगवान गणेश का यह बेहद अद्भुत और चमत्कारी मंदिर केरल में स्थित है. स्कंद पुराण के अनुसार, पहले ये भगवान शिव का मंदिर था लेकिन एक बार पुजारी के छोटे से बेटे ने मंदिर की दीवार पर भगवान गणेश की प्रतिमा बना दी थी. कहा जाता है कि मंदिर के गर्भ-गृह की दीवार पर बनाई हुई बच्चे की प्रतिमा धीरे-धीरे अपना आकार बढ़ाने लगी. हर बीतते दिन के साथ वो मोटी और बड़ी होती गई. और तभी से ये मंदिर भगवान गणेश के बेहद खास मंदिरों में से एक बन गया.
वर-सिद्धि विनायागर मंदिर, चेन्नई (Varasiddhi Vinayagar Temple, Chennai)
चेन्नई में बसंत नगर में स्थित यह भगवान गणेश का एक प्रसिद्ध मंदिर है. इस मंदिर में भगवान गणेश के साथ आपको सिद्धि की मूर्ति भी नज़र आएगी. इस मंदिर में एक छोटी मूर्ति भी स्थापित है जिसकी पहले पूजा की जाती थी. प्रत्येक साल गणेश चतुर्थी के दौरान इस मंदिर में पूरे भारत के तीर्थयात्रियों और संगीत प्रेमियों को आकर्षित करने वाले विस्तृत संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इस खूबसूरत मंदिर में एक सभागार भी है जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
रणथम्भौर गणेश मंदिर, राजस्थान (Ranthambore Ganesh Temple, Rajasthan)
वाइल्ड लाइफ के अलावा रणथम्भौर नेशनल पार्क अपने मंदिर के लिए भी फेमस हैं. भारी संख्या में भक्तजन यहां गणेशजी के त्रिनेत्र स्वरूप के दर्शन करने आते हैं. करीब 1000 साल पुराना यह मंदिर रणथम्भौर किले में सबसे ऊंचाई पर स्थित है.
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