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धर्म

ये है मां कात्यायनी की पूजा करने की सही विधि, होता है ये लाभ

मंजू ममगाईं/aajtak.in
  • 11 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 12:33 PM IST
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आज  नवदुर्गा के छठवें स्वरूप में मां कात्यायनी की पूजा की जाती है. मां कात्यायनी का जन्म कात्यायन ऋषि के घर होने की वजह से उन्हें कात्यायनी कहकर पुकारा जाता है. मां कात्यायनी ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं, गोपियों ने कृष्ण की प्राप्ति के लिए इनकी पूजा की थी. आइए जानते हैं आखिर मां की अराधना करने की क्या है सही विधि और उनकी पूजा करने से भक्तों को किस फल की प्राप्ति होती है.

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कैसे करें मां कात्यायनी की पूजा-
सबसे पहले गोधूलि वेला के समय पीले अथवा लाल वस्त्र पहनकर मां कात्यायनी को प्रणाम करें. इसके बाद देवी के मंत्रों का जाप करें. इस दिन दुर्गा सप्तशती के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करना चाहिए. पीले पुष्प और जायफल देवी को अर्पित करने के बाद भगवान शिव की पूजा भी  करनी चाहिए. पुराणों में बताया गया है कि देवी की पूजा करने से विवाह के योग बनने के साथ प्रेम सम्बन्धी बाधाएं भी दूर होती हैं.

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मां को प्रसन्न करने के लिए करें इस मंत्र का जाप:

चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दूलवर वाहना|
कात्यायनी शुभंदद्या देवी दानव घातिनि||


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चढ़ावा
मां कात्यायनी को शहद बहुत प्रिय है इसलिए इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर मां को शहद चढ़ाएं.

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मां कात्यायनी की उपासना से बढ़ेगा तेज 
-आज के दिन मां कात्यायनी को शहद अर्पित करें.
- कोशिश करें कि शहद चांदी के या मिटटी के पात्र में रखकर अर्पित करें. ऐसा करने से उत्तम फल मिलता है.
- ऐसा करने से आपका प्रभाव बढ़ने के साथ आपकी आकर्षण क्षमता में भी वृद्धि होगी. 

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शीघ्र विवाह के लिए ऐसे करें मां कात्यायनी का पूजन-
- गोधूलि वेला में पीले वस्त्र धारण करें.
- मां के समक्ष दीपक जलायें और उन्हें पीले फूल अर्पित करें.
- इसके बाद 3 गांठ हल्दी की भी मां को चढ़ाएं.
- मां कात्यायनी के इस मंत्र का जाप करें.
"कात्यायनी महामाये , महायोगिन्यधीश्वरी।
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः।।"
- इसके बाद हल्दी की तीनों गांठों को अपने पास सुरक्षित रख लें.

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