Vikram Samwat Rashifal: इन राशियों पर रहेगा शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव! रहना होगा सबसे ज्यादा सावधान

Vikram Samwat Rashifal: हिंदू धर्म में चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को नवसंवत की शुरुआत हो चुकी है. इसे भारतीय नववर्ष भी कहा जाता है. इसका आरंभ विक्रमादित्य ने किया था अतः इसको विक्रम संवत भी कहा जाता है. इस दिन से वासंतिक नवरात्र की शुरुआत भी होती है.

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विक्रम संवत में इन राशियों पर रहेगा साढ़ेसाती का प्रभाव (Photo: ITG) विक्रम संवत में इन राशियों पर रहेगा साढ़ेसाती का प्रभाव (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:47 PM IST

Vikram Samwat Rashifal: हिंदू नववर्ष और विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो चुकी है, जिसको नए साल की तरह ही मनाया जाता है. क्योंकि इस वर्ष के आगमन के साथ मां दुर्गा का भी आगमन होता है. हर बार नया संवत शुरू होने पर ग्रहों की स्थिति के अनुसार राशियों पर प्रभाव बदलता है. हिंदू नववर्ष और विक्रम संवत को लेकर इस बार लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि शनि की साढ़ेसाती किन राशियों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगी और किसे सावधान रहने की जरूरत है. आइए पंडित प्रवीण मिश्र द्वारा इस प्रश्न का सवाल उत्तर जानते हैं.

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मेष राशि (Aries)

मेष राशि वालों के लिए साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो चुका है. इस समय सबसे बड़ी चुनौती होगी और आर्थिक कामों में देरी होगी. जो काम पहले जल्दी हो जाते थे, उनमें अब समय लग सकता है. इसलिए घबराने के बजाय धैर्य रखना बेहद जरूरी है. अगर आप पहले से मानसिक रूप से तैयार रहेंगे, तो तनाव कम रहेगा. गलत फैसले लेने से बचेंगे.

क्या ध्यान रखें?

-धैर्य रखें, जल्दबाजी से बचें.
- ईमानदारी और मेहनत से काम करें
- गलत रास्ते से धन कमाने से बचें
- अपनी वाणी और व्यवहार को संयमित रखें

उपाय:

- रोज हनुमान चालीसा का पाठ करें
- शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करें
- हर शनिवार गरीबों को भोजन कराएं

कुंभ राशि (Aquarius)

कुंभ राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. इसका मतलब है कि अब धीरे-धीरे राहत मिलने का समय शुरू हो चुका है. पहले जो परेशानियां थीं, वे कम होंगी. रुके हुए काम पूरे होने लगेंगे. इस साल आपको ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि आने वाला समय पहले से बेहतर साबित हो सकता है.

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मीन राशि (Pisces)

मीन राशि वालों के लिए साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है, जिसे सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है. इस दौरान काम का दबाव बढ़ सकता है. मानसिक तनाव भी महसूस हो सकता है. जिम्मेदारियां बढ़ेंगी. ऐसे में सबसे जरूरी है कि आप अपने व्यवहार और कर्म पर ध्यान दें. किसी को भी अपने शब्दों, व्यवहार या काम से दुख न पहुंचाएं. ईमानदारी और मेहनत से काम करेंगे तो शनि का नकारात्मक असर कम होगा.

क्या करें?

- रोज अपने इष्ट देव की पूजा करें.
- किसी एक मंत्र का नियमित जाप करें.
- हर शनिवार सुंदरकांड का पाठ करें.
- जरूरतमंद लोगों को भोजन दान करें.

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