Vastu Tips: क्या आप भी गिनकर बनाते हैं रोटियां? जान लें क्या कहता है वास्तु का नियम

Vastu Tips:वास्तु शास्त्र के अनुसार रोटियां गिनकर बनाना अशुभ माना जाता है. यह मानसिकता घर में 'अभाव' और दरिद्रता को दर्शाती है, जिससे माँ अन्नपूर्णा और लक्ष्मी जी रुष्ट हो सकती हैं. हमेशा 2-3 रोटियां ज्यादा बनाएं ताकि घर में बरकत बनी रहे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो .

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रोटी गिनना वास्तु में गलत. रोटी गिनना वास्तु में गलत.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:09 AM IST

Vastu For Roati: अक्सर घरों में रोटियां उतनी ही बनाई जाती हैं, जितने लोग खाने वाले हों. सोच यही रहती है कि न कम पड़े और न ही ज्यादा बचे. देखने में यह तरीका सही और समझदारी भरा लगता है, लेकिन वास्तु की मान्यताओं के मुताबिक इसे ठीक नहीं माना जाता.  जानकारों का कहना है कि अन्न से जुड़ी हमारी छोटी-छोटी आदतें भी घर की बरकत और माहौल पर असर डालती हैं. 

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रोटियां गिनना क्यों ठीक नहीं माना जाता?

वास्तु के अनुसार जब हम रोटियां गिनकर बनाते हैं तो यह कहीं न कहीं कमी की सोच को दिखाता है.  मान्यता है कि अन्न को गिनना समृद्धि की देवी देवी अन्नपूर्णा और धन की देवी मां लक्ष्मी के प्रति अनादर जैसा होता है. ऐसा माना जाता है कि अगर रसोई में बार-बार अभाव की भावना रखी जाए तो धीरे-धीरे घर में पैसों की तंगी महसूस होने लगती है.  आमदनी कम लगती है, खर्च बढ़ते नजर आते हैं और बचत भी टिक नहीं पाती. 

क्या हो सकता है इसका असर?

कहा जाता है कि रोटियां गिनकर बनाने या परोसने से घर की पॉजिटिव एनर्जी कम हो सकती है. छोटी-छोटी बातों पर बहस या मनमुटाव बढ़ सकता है. कई बार बिना वजह तनाव का माहौल बनने लगता है. परिवार के लोगों के बीच तालमेल भी प्रभावित हो सकता है.  इसके अलावा अन्न का सम्मान न करने से भोजन की बर्बादी बढ़ने की भी बात कही जाती है, जो शुभ नहीं मानी जाती. 

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क्या करना चाहिए?

मान्यता है कि रोटियां हमेशा एक-दो ज्यादा बना लेनी चाहिए. खाना बनाते समय मन शांत और खुश रखें, क्योंकि कहा जाता है कि रसोई की ऊर्जा पूरे घर में फैलती है.  अगर रोटियां बच जाएं तो उन्हें फेंकने के बजाय किसी जरूरतमंद या पशु को दे देना बेहतर माना जाता है.  परंपरा के अनुसार पहली रोटी गाय को खिलाना भी शुभ माना जाता है, जिससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. 

रसोई और भोजन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण वास्तु नियम
1. चकले और बेलन की आवाज
अक्सर रोटी बेलते समय चकले से 'खट-खट' की आवाज आती है.  वास्तु के अनुसार, चकले से आवाज आना शुभ नहीं माना जाता.  यह घर में कलह और धन की हानि का कारण बन सकता है. 

उपाय: चकले के नीचे एक पतला कपड़ा रख दें ताकि आवाज न हो.

2. गूंथा हुआ आटा फ्रिज में न रखें
बचे हुए आटे को फ्रिज में रखकर अगले दिन इस्तेमाल करना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि वास्तु में इसे 'पितृ दोष' का कारण माना जाता है.  ताजा आटा सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जबकि बासी आटा घर में आलस्य और नकारात्मकता लाता है. 

3. तवे का इस्तेमाल और उसकी सफाई
तवे को राहु का प्रतीक माना जाता है.  कभी भी गर्म तवे पर सीधा पानी न डालें, इससे आने वाली 'छन्न' की आवाज घर में संकट ला सकती है.  तवे को हमेशा छिपाकर रखें और उसे कभी भी उल्टा करके न रखें. 

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4. चूल्हे की दिशा और स्थिति
खाना बनाते समय आपका मुख हमेशा पूर्व दिशा (East) की ओर होना चाहिए. इससे घर के सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है.  साथ ही, चूल्हा और सिंक (आग और पानी) कभी भी एक सीध में नहीं होने चाहिए, वरना परिवार में वैचारिक मतभेद बढ़ सकते हैं. 

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