Vastu Tips For Study: बच्चे इस दिशा में बैठकर करें पढ़ाई, तेज होगा दिमाग, हमेशा रहेगा सबकुछ याद

Vastu Tips For Study: अगर पढ़ाई करने के बाद भी याद नहीं रहता, तो वजह गलत दिशा हो सकती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, पढ़ाई की सही दिशा जानें और आज से ही बच्चों की पढ़ाई में सुधार लाएं.

Advertisement
पढ़ाई के लिए यह दिशा यह है सबसे शुभ (Photo: ITG) पढ़ाई के लिए यह दिशा यह है सबसे शुभ (Photo: ITG)

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

Vastu Tips For Study: अक्सर देखा जाता है कि बच्चे मेहनत से पढ़ाई करते हैं, फिर भी उन्हें याद किया हुआ भूल जाता है या पढ़ते समय मन भटकता रहता है. कई बार किताबें सामने होती हैं, लेकिन समझ में कुछ नहीं आता है. पढ़ाई से जुड़ी ऐसी समस्याओं का एक बड़ा कारण गलत स्थान का चुनना. हालांकि, बच्चे की बौद्धिक क्षमता और शिक्षा से जुड़े ग्रहों की स्थिति कुंडली में महत्वपूर्ण होती है, लेकिन जब लगातार मेहनत के बावजूद परिणाम शून्य मिलें, तो यह नकारात्मक ऊर्जाओं के प्रभाव की ओर इशारा करता है. ऐसे में पढ़ाई के लिए सही दिशा और स्थान का चयन बेहद जरूरी हो जाता है.

Advertisement

पढ़ाई के लिए यह दिशा होती है बहुत शुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की वेस्ट-साउथ-वेस्ट दिशा में बैठकर पढ़ाई करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है. यह दिशा विद्या की देवी मां सरस्वती और आकाश तत्व से जुड़ी हुई है. यहां बैठकर पढ़ाई करने से एकाग्रता बढ़ती है और सीखने की क्षमता में सुधार होता है. बच्चों के लिए यह दिशा सबसे उपयुक्त मानी गई है. यदि इस दिशा में रसोई, टॉयलेट या कोई वास्तु दोष हो, तो बच्चों की पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. इसलिए, इस स्थान को साफ-सुथरा और सुंदर रखते हुए यहां स्टडी एरिया बनाना फायदेमंद होता है. इसके अलावा साउथ-वेस्ट और पश्चिम दिशा में बैठकर पढ़ाई करना भी अच्छे परिणाम देता है.

पढ़ाई करते समय इन बातों का रखें ध्यान

वास्तु शास्त्र के अनुसार, आकाश तत्व से जुड़ी दिशाओं में पढ़ाई करते समय मन में किसी भी तरह की नकारात्मक भावना न आने दें. इन दिशाओं में बैठकर जैसे विचार किए जाते हैं, वैसा ही प्रभाव जीवन में दिखाई देता है. इसलिए भय, तनाव और दबाव से दूर रहकर सकारात्मक सोच बनाए रखना जरूरी है.

Advertisement

इसके अलावा, पश्चिम दिशा को इच्छापूर्ति की दिशा भी माना जाता है. मान्यता है कि यहां बैठकर किया गया संकल्प जल्दी पूरा होता है. इसी कारण कई प्राचीन मंदिर भी आकाश तत्व से जुड़ी दिशाओं में बनाए गए हैं. यदि बच्चा वेस्ट-साउथ-वेस्ट दिशा में बैठकर पढ़ाई कर रहा हो, तो माता-पिता को उसे डांटने या नकारात्मक बातें कहने से बचना चाहिए. इससे उसका मनोबल प्रभावित हो सकता है.

इन दिशाओं में बैठकर न करें पढ़ाई

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की तीन ऐसी दिशाएं हैं जहां बैठकर दिन-रात पढ़ाई करने पर भी अच्छे परिणाम नहीं मिलते हैं. इन दिशाओं में पढ़ाई करने से याददाश्त कमजोर हो सकती है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है. ये दिशाएं हैं- पहली दिशा है ईस्ट-साउथ ईस्ट दिशा, दूसरी दिशा है साउथ-साउथ वेस्ट दिशा और तीसरी है वेस्ट-नॉर्थ वेस्ट दिशा.

इन स्थानों पर अधिक समय बिताने से व्यक्ति डिप्रेशन और एंग्जायटी का भी शिकार हो सकता है. इसलिए पढ़ाई और अन्य सकारात्मक कार्यों के लिए इन दिशाओं से बचना ही बेहतर माना जाता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement