Vastu For Medicine: बेड के सिरहाने दवाइयां रखना सही या गलत, जानें क्या कहता है वास्तु का नियम

Vastu For Medicine: अधिकांश लोग सुविधा के लिए दवाइयां सिरहाने रखते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है.

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सिरहाने दवाइयां रखना कितना नुकसानदायक. (Photo: Pixabay) सिरहाने दवाइयां रखना कितना नुकसानदायक. (Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:48 PM IST

Vastu For Medicine: आजकल कई लोग अपनी दवाइयां, कैप्सूल या स्ट्रिप्स, सिरहाने रखकर सोते हैं. उनका तर्क होता है कि रात में अचानक जरूरत पड़ने पर दवा तुरंत मिल जाए. लेकिन वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह आदत स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए हानिकारक हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि शयनकक्ष को आराम, स्वास्थ्य और चंद्रमा से जोड़ा जाता है. दवाइयां बीमारियों और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होती हैं. इन्हें सिरहाने रखने से यह नकारात्मक ऊर्जा रातभर व्यक्ति के मन और शरीर पर असर डालती है. इसका परिणाम न केवल नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है. 

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क्या होता है अगर सिरहाने रखी हो दवाएं

ज्योतिषीय दृष्टि से, चंद्रमा हमारे मन, भावनाओं और नींद का कारक ग्रह है. यदि दवाइयां सिरहाने रखी हों, तो चंद्रमा की सकारात्मक ऊर्जा कमजोर पड़ सकती है. इससे नींद में खलल आता है, बुरे सपने देखे जाते हैं .सुबह उठते समय थकान महसूस होती है. वहीं, राहु की नकारात्मक ऊर्जा भी प्रभावित हो सकती है, जिससे मानसिक अस्थिरता और चिंता बढ़ सकती है. 

क्या कहते हैं जानकार

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, रात में सोते समय शरीर और मन सकारात्मक ऊर्जा ग्रहण करते हैं. यदि दवाइयां सिरहाने हों, तो अनजाने में मन बीमारी को स्वीकार करने लगता है, जिससे बीमारी ठीक होने में समय लगता है. इस कारण, सिरहाने दवाइयां रखना मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक माना जाता है. 

सही जगह का विकल्प:
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दवाइयों को हमेशा शयनकक्ष की दक्षिण-पूर्व दिशा की दराज या कैबिनेट में रखा जाना चाहिए.यह न केवल नकारात्मक प्रभाव कम करता है, बल्कि स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा को भी बनाए रखता है.इसके अलावा, सोने से पहले कमरे में गंगाजल का छिड़काव करना और “ऊं नमो भगवते वासुदेवाय” या “ऊं शं शनैश्रराय नम:” का जाप करना फायदेमंद होता है.

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