Vastu Tips: आपका उत्तर मुखी घर ही आपकी समस्याओं की जड़ है? ऐसे पहचानें गलत प्रवेश द्वार

Vastu Tips: घर का प्रवेश द्वार केवल दिशा पर नहीं, बल्कि सही स्थान पर बनने पर ही जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता लाता है. गलत स्थान पर बने द्वार से किसी भी दिशा में जीवन में समस्याएं, तनाव और नुकसान उत्पन्न हो सकते हैं. इसलिए, मुख्य द्वार की सही वास्तु योजना बेहद जरूरी है.

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मुख्य द्वार का वास्तु में है खास महत्व मुख्य द्वार का वास्तु में है खास महत्व

अंशु पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:00 PM IST

Vastu Niyam Main Door: घर के प्रवेश द्वार के लिए सभी दिशाएं अच्छी हैं और सभी खराब हैं. घर का प्रवेश द्वार सकारात्मक है या नकारात्मक, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह वास्तु के अनुसार किस पद में आ रहा है.  जिसे घर की ग्रिडिंग किए बिना नहीं जाना जा सकता. परन्तु आम धारणा है कि दक्षिण मुखी मकान बहुत खराब होते हैं यह व्यक्ति का जीवन बर्बाद कर देते हैं. वहीं माना जाता है कि उत्तर व पूरब मुखी मकान बहुत अच्छे होते हैं. यह दोनों ही धारणाएं गलत हैं. कई बार व्यक्ति उत्तर मुखी मकान में रहते हुए बर्बाद हो जाते हैं,यदि गलत दिशा में प्रवेश द्वार बना हो तो.

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दक्षिण दिशा के प्रवेश द्वार
असल में दक्षिण मुखी मकान में यदि सही पद पर प्रवेश द्वार बन जाए तो इससे बेहतर और कोई द्वार नहीं. जो आपको मान, सम्मान, ख्याति, धन, वैभव, सुख सब कुछ देता है. परन्तु दक्षिण दिशा में गलत पद पर बना प्रवेश द्वार उत्तर, पूरब दिशा से ज्यादा खतरनाक है, जो सब कुछ बर्बाद भी करके रख देता है. इसीलिए लोग दक्षिण मुखी मकान को  नकारात्मकता से जोड़ देते हैं.

उत्तर दिशा के प्रवेश द्वार
वहीं उत्तर दिशा में गलत पद पर बने प्रवेश द्वार भी जीवन में बहुत नकारात्मकता और नुकसान लेकर आते हैं. बेशक उत्तर दिशा में सही पद पर बना प्रवेश द्वार लाभ देता है, परन्तु गलत पद पर बना प्रवेश द्वार नुकसान भी देते है. यदि उत्तर दिशा में प्रवेश द्वार होने पर जीवन में सफलता और खुशियों की कमी है तो निसंदेह आपका प्रवेश द्वार गलत पद पर बना हुआ है.

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उत्तर दिशा में गलत पद पर बने प्रवेश द्वार कैसे पहचाने
यदि जीवन में कुछ इस तरह की अनुभव कर रहे हैं तो आपका प्रवेश द्वार गलत है.
1-उत्तर दिशा में गलत पद पर बने प्रवेश द्वार आपके शत्रुओं की संख्या बढ़ा देता है. आपको किसी प्रकार का नुकसान या आपके द्वारा किसी को नुकसान करवा सकता है. पड़ौसियों से झगड़े, बेवजह के नुकसान, कोर्ट कचहरी के चक्कर भी लगवा सकता है. कई मामलों में ऐसे घरों में लड़ाई झगड़ा होने से व्यक्ति की जान तक पर बन आती है.

2-वायव्य कोण यानि उत्तर-पश्चिम का प्रवेश द्वार.  आपके अन्दर इतना ईर्ष्या और कुण्ठा का भाव भर देता है कि परिवार के रिश्तों में दरार आ जाती है. 

3-आपको बहुत अधिक धार्मिक बना सकता है. आपको घर परिवार के बजाय पूजा पाठ से अधिक जोड़ सकता है.  धार्मिक होना अच्छा है परन्तु अपने कर्म और जिम्मेदारियों को छोड़कर सिर्फ धार्मिक हो जाना पारीवारिक जीवन को खराब कर सकता है.  कर्म करने की इच्छा को खत्म कर देता है.


4-लोगों में गम्भीरता कम होती है, जिसके कारण बहुत कुछ होते हुए भी सब कुछ गंवा बैठते हैं.  लोगों में आलस भरा रहता है. 
 
5-घर के बच्चे माता-पिता के विपरीत हो सकते हैं.  परिवार के बच्चे घर परिवार की परम्पराओं के विपरीत होते हैं.  पैसा होते हुए भी व्यक्ति को कर्जदार बना देता है. व्यक्ति जरूरत न होने पर भी कर्जा लेता रहता है.  ईशान कोण का द्वार भी व्यक्ति को कर्जे देता है.  ईशान कोण मंदिर की स्थापना के लिए अच्छा स्थान है.  परन्तु यहां मुख्य द्वार नहीं होना चाहिए.

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