Vastu Niyam: थाली में रोटियां रखते वक्त कर रहे हैं ऐसी गलती! जानें वास्तु नियम

Vastu Niyam For Food: खाने की थाली से जुड़े वास्तु के नियम हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार भोजन केवल शरीर को ऊर्जा देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी मानसिक स्थिति और घर के वातावरण को भी प्रभावित करता है.

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जानें थाली परोसने का सही तरीका जानें थाली परोसने का सही तरीका

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:56 AM IST

Vastu Niyam For Food: वास्तु शास्त्र के अनुसार हमारे दैनिक जीवन की छोटी-छोटी आदतें भी ऊर्जा और सकारात्मकता पर गहरा प्रभाव डालती हैं. खासकर भोजन से जुड़े नियमों का पालन करने से न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि भी बनी रहती है. खाना बनाने से लेकर उसे परोसने और खाने तक, हर प्रक्रिया में वास्तु के कुछ नियम बताए गए हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना कभी-कभी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. 

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इस दिशा में बैठकर खाएं खाना

सबसे पहले बात करते हैं भोजन करने की दिशा की. वास्तु शास्त्र के अनुसार हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके भोजन करना शुभ माना जाता है. यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत मानी जाती है, जिससे शरीर और मन दोनों को लाभ मिलता है. वहीं दक्षिण दिशा की ओर मुख करके भोजन करना अशुभ माना गया है, क्योंकि इससे ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है, इसका असर स्वास्थ्य व मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है. 


कैसी हो थाली

अब बात आती है थाली के चुनाव की. वास्तु के अनुसार कांसे की थाली में भोजन करना सबसे उत्तम माना गया है, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होती है और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है.  यदि कांसे की थाली मौजूद न हो, तो स्टील की थाली का उपयोग किया जा सकता है. लेकिन प्लास्टिक की थाली में भोजन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे नकारात्मक प्रभावों से जोड़ा जाता है. साथ ही, टूटी या चटकी हुई थाली में भोजन करना भी अशुभ माना जाता है, इसलिए हमेशा साफ-सुथरी और सही अवस्था में थाली का ही उपयोग करें. 

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ना करें ये गलती

भोजन परोसने का तरीका भी वास्तु में महत्वपूर्ण माना गया है. शास्त्रों के अनुसार थाली में सबसे पहले चावल और रोटी परोसनी चाहिए, क्योंकि इन्हें माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. भोजन को हमेशा सलीके से और सुंदर तरीके से सजाकर परोसना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.  रोटियों की संख्या का भी ध्यान रखना चाहिए, थाली में एक साथ 1, 2 या 4 रोटियां रखना शुभ माना जाता है. 

नमक और आचार के भी हैं नियम

अंत में, नमक और अचार रखने की दिशा भी मायने रखती है. अगर आप भोजन के साथ अतिरिक्त नमक लेते हैं, तो उसे थाली के दाईं ओर रखना चाहिए, जबकि अचार को बाईं ओर रखना शुभ माना गया है. इन छोटे-छोटे नियमों का पालन करने से जीवन में संतुलन, शांति और सकारात्मकता बनी रहती है. 

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