Surya Grahan 2026 Rashifal: 17 फरवरी 2026 को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह ग्रहण कुंभ राशि में होगा. खास बात यह है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में सूतक काल लागू नहीं होगा. जिन क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई देगा, वहीं सूतक मान्य होगा. ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण के समय सूर्य और राहु की युति होगी, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है. यह ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा. हालांकि भारत में इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, फिर भी राशि अनुसार सावधानी रखना लाभकारी रहेगा. आइए पंडित प्रवीण मिश्र द्वारा जानते हैं कि सभी राशियों पर इस सूर्य ग्रहण का क्या प्रभाव रहने वाला है.
मेष राशि
यह ग्रहण आपकी राशि से 11वें भाव में पड़ेगा, जो आय और नेटवर्किंग का भाव माना जाता है. आमदनी में अचानक उतार-चढ़ाव आ सकता है, इसलिए बजट संतुलित रखें. दोस्तों या परिचितों के साथ पैसों के लेन-देन से बचें. बड़े निवेश या नई साझेदारी सोच-समझकर करें.
उपाय: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें.
वृषभ राशि
ग्रहण वृषभ राशि वालों के दसवें भाव में होगा, जो करियर और प्रतिष्ठा से जुड़ा है. ऑफिस में काम का दबाव बढ़ सकता है. वरिष्ठों के साथ संवाद में सावधानी रखें. अभी नौकरी बदलने या बड़ा व्यापारिक विस्तार करने से बचें. धैर्य रखेंगे तो स्थिति नियंत्रण में रहेगी.
उपाय: मां दुर्गा की उपासना करें और दुर्गा चालीसा पढ़ें.
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के 9वें भाव में ग्रहण भाग्य और उच्च शिक्षा को प्रभावित कर सकता है. यात्रा योजनाओं में बदलाव संभव है. करियर के बड़े निर्णय फिलहाल टालें. विद्यार्थियों को ध्यान भटकने से बचना होगा. मेहनत करेंगे तो सफलता मिलेगी.
उपाय: बुधवार को हरी वस्तु दान करें और गाय को हरा चारा खिलाएं.
कर्क राशि
यह ग्रहण 8वें भाव में होगा, जो मानसिक तनाव और अचानक बदलाव का संकेत देता है. भावनात्मक उतार-चढ़ाव महसूस हो सकता है. स्वास्थ्य, विशेषकर पेट और नींद का ध्यान रखें. रिश्तों में गलतफहमी से बचें.
उपाय: ऊं नमः शिवाय का 108 बार जाप करें.
सिंह राशि
7वें भाव में ग्रहण दांपत्य और साझेदारी पर असर डाल सकता है. पार्टनर से संवाद साफ रखें. व्यापार में साझेदार के साथ पारदर्शिता जरूरी है. क्रोध और अहंकार से बचें.
उपाय: सूर्य को जल दें और रविवार को सुंदरकांड का पाठ करें.
कन्या राशि
6वें भाव में ग्रहण शत्रु और स्वास्थ्य से जुड़ा होता है. कार्यस्थल पर प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है. सेहत को हल्के में न लें. कोर्ट केस या विवाद में धैर्य रखें.
उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें.
तुला राशि
5वें भाव में ग्रहण प्रेम, संतान और रचनात्मकता को प्रभावित कर सकता है. बच्चों को समय दें. प्रेम संबंधों में जल्दबाजी में निर्णय न लें. निवेश सोच-समझकर करें.
उपाय: मां दुर्गा की आराधना करें.
वृश्चिक राशि
4वें भाव में ग्रहण घर-परिवार और संपत्ति से जुड़ा है. प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने का फैसला टालना बेहतर होगा. माता की सेहत का ध्यान रखें. घरेलू शांति बनाए रखें.
उपाय: मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें.
धनु राशि
3वें भाव में ग्रहण साहस और संचार को प्रभावित करेगा. भाई-बहनों के साथ संबंधों में संयम रखें. नए प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले योजना स्पष्ट करें.
उपाय: विष्णु जी की आरती करें.
मकर राशि
2वें भाव में ग्रहण वाणी और धन पर असर डाल सकता है. पैसों के लेन-देन में सावधानी रखें. वाणी पर नियंत्रण रखें, क्योंकि गलत शब्द रिश्तों में दूरी ला सकते हैं.
उपाय: ऊं नमः शिवाय का जाप करें.
कुंभ राशि
सूर्य ग्रहण आपकी ही राशि में होगा, इसलिए मानसिक अस्थिरता या आत्मविश्वास में उतार-चढ़ाव संभव है. बड़े फैसले टालें. स्वास्थ्य और खान-पान का विशेष ध्यान रखें.
उपाय: शिव परिवार का अभिषेक करें.
मीन राशि
12वें भाव में ग्रहण खर्च और विदेश संबंधी मामलों को प्रभावित कर सकता है. अनावश्यक खर्च से बचें. नींद और मानसिक शांति का ध्यान रखें.
उपाय: भगवान विष्णु की आरती करें.
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