Surya Gochar 2026: 2 दिन बाद केतु के नक्षत्र में सूर्य गोचर, 4 राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ

Surya Gochar 2026: केतु के नक्षत्र अश्विनी में सूर्य का गोचर नई शुरुआत और तेज बदलाव का संकेत देता है. यह समय अचानक अवसर, करियर में प्रगति और आत्मविश्वास बढ़ने का होता है. कुछ राशियों को विशेष रूप से धन, सफलता और सम्मान मिलने के योग बनते हैं.

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सूर्य का केतु नक्षत्र (Photo: ITG) सूर्य का केतु नक्षत्र (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:52 AM IST

Surya Nakshatra Gochar 2026 : अप्रैल 2026 में सूर्य का अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना के रूप में देखा जा रहा है, जो कई राशियों के लिए नए अवसर और सकारात्मक परिवर्तन लेकर आ सकता है. 14 अप्रैल को सुबह 09:38 बजे होने वाला यह गोचर 28 अप्रैल तक प्रभाव में रहेगा. सूर्य, जो आत्मविश्वास, नेतृत्व और सफलता का प्रतीक है, जब केतु के अधीन अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो यह अचानक प्रगति, नए रास्तों और जीवन में तेजी से बदलाव के योग बनाता है. जानते हैं कौन सी राशियों के लिए ये गोचर सबसे ज्यादा फायदेमंद होगा.

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मेष- मेष राशि के लोगों के लिए यह समय बेहद अनुकूल साबित हो सकता है. उनके अंदर नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी. कार्यक्षेत्र में उन्हें नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं.  करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे. आत्मविश्वास पहले से अधिक बढ़ेगा.

मिथुन- मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है. लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं. आय के नए स्रोत बनने की संभावना है. बिजनेस करने वालों को खास फायदा मिल सकता है . संपर्कों से लाभ मिलने के संकेत हैं.

सिंह- सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य को मजबूत करने वाला रहेगा. उन्हें कामकाज में वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा. सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी. साथ ही, परिवार के साथ अच्छे समय बिताने और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के योग बन सकते हैं. 

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मकर- मकर राशि के लोगों के लिए भी यह गोचर लाभकारी रहने वाला है. खासकर करियर और सरकारी कामों में सफलता मिलने के संकेत हैं. आय में वृद्धि हो सकती है . नए अवसर सामने आ सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति बेहतर होगी. 

इस दौरान सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए कुछ सरल उपाय भी किए जा सकते हैं. रोज सुबह सूर्य को जल अर्पित करें,  आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें. साथ ही सूर्य मंत्र का जाप और केतु शांति के उपाय करने से शुभ फलों में वृद्धि हो सकती है. 

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