Shani Asta 2026: वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को कर्म और न्याय का देवता माना जाता है. जब शनि अपनी स्थिति बदलते हैं या अस्त हो जाते हैं, तो इसका असर कई राशियों के जीवन पर पड़ सकता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 13 मार्च 2026 को शनि मीन राशि में अस्त हो जाएंगे और लगभग 35 दिनों तक यानी 17 अप्रैल 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे. इस अवधि में कुछ राशियों के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. खास तौर पर तुला, मकर और कुंभ राशि के लोगों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
तुला राशि
तुला राशि में शनि को उच्च का माना जाता है, इसलिए इस राशि के लोगों पर शनि का प्रभाव खास रहता है. जब शनि अस्त होते हैं तो इसके कुछ नकारात्मक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं. इस समय अचानक खर्च बढ़ सकता है, जिससे आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है. पैसों के लेन-देन में सावधानी रखना जरूरी होगा. इसके अलावा लोगों से बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए, वरना गलतफहमी हो सकती है. शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान करना इस दौरान लाभकारी माना जाता है.
मकर राशि
मकर राशि के स्वामी शनि हैं, इसलिए शनि के अस्त होने का असर इस राशि पर ज्यादा महसूस हो सकता है. इस समय आत्मविश्वास में कमी आ सकती है और कामकाज में मन भी कम लग सकता है. अगर किसी तरह का कानूनी मामला चल रहा है तो उसमें देरी या परेशानी बढ़ सकती है. आर्थिक मामलों में भी सतर्क रहने की जरूरत है, इसलिए उधार लेने या देने से बचना बेहतर रहेगा. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है. इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना गया है.
कुंभ राशि
कुंभ राशि के स्वामी भी शनि ही हैं, इसलिए शनि के अस्त होने का असर इस राशि के जातकों पर भी पड़ सकता है. करियर और कारोबार से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने की जरूरत होगी. जल्दबाजी में लिया गया निर्णय परेशानी का कारण बन सकता है. इस समय आपका व्यवहार थोड़ा कठोर हो सकता है, जिससे रिश्तों पर असर पड़ सकता है. आर्थिक मामलों में भी लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है. प्रेम और वैवाहिक जीवन में भी छोटी-मोटी परेशानियां आ सकती हैं. ऐसे में काले कुत्ते को रोटी खिलाना शुभ माना जाता है.
aajtak.in