Shani Gocahr 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनि के गोचर को सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं में से एक माना जाता है, क्योंकि शनि 'कर्मफल दाता' हैं. वाक्य पंचांग के अनुसार, 6 मार्च 2026 (विश्वावसु वर्ष) को शनि अपनी स्वराशि कुंभ सो निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. सुबह 8:26 बजे होने वाला यह बदलाव कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलेगा, तो कुछ के लिए चुनौती और धैर्य की परीक्षा लेकर आएगा. विशेष रूप से वृषभ, कन्या और धनु राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है. आइए जानते हैं, इस बड़े बदलाव का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा:
मीन राशि:
मीन राशि वालों के लिए शनि का यह गोचर 'जन्म शनि' के रूप में शुरू हो रहा है. आपके ग्यारहवें और बारहवें भाव के स्वामी होकर शनि अब आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में विराजमान होंगे. यह समय खुद पर नियंत्रण रखने का है. कार्यक्षेत्र में मनमर्जी चलाने या दूसरों पर हावी होने की कोशिश न करें. यदि आप अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से समझेंगे और स्वभाव में विनम्रता लाएंगे, तो करियर में आने वाली रुकावटें दूर होंगी.
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. शनि आपकी राशि से निकलकर अब दूसरे भाव में जा रहे हैं, जो कि साढ़ेसाती का आखिरी चरण (पादासनी) है. पिछले कुछ समय से चल रहा मानसिक तनाव कम होगा. आपकी स्किल्स और मेहनत को कार्यक्षेत्र में उचित सम्मान मिलेगा. किसी भी काम को बिना प्लानिंग के न करें. योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर आपको आर्थिक लाभ और कार्यस्थल पर प्रशंसा दोनों प्राप्त होंगे.
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शनि अब दसवें और ग्यारहवें घर से निकलकर बारहवें भाव में प्रवेश कर रहे हैं. मीन राशि शनि की मित्र राशि है, गुरु की दृष्टि भी सहायक बनी हुई है.यह गोचर आपकी प्रतिभा को निखारने वाला साबित होगा. लंबे समय से रुकी हुई सैलरी या रुका हुआ प्रमोशन इस दौरान मिल सकता है. ट्रांसफर या स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं, जो आपके भविष्य के लिए सुखद रहेंगे. अपनी मेहनत जारी रखें.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर आठवें भाव (अष्टम शनि) में होने जा रहा है. आठवां भाव चुनौतियों का माना जाता है, लेकिन शनि यहां 'अनुशासन' सिखाते हैं. पदोन्नति या सैलरी बढ़ने में कुछ देरी का सामना करना पड़ सकता है. बेवजह के मानसिक तनाव से खुद को बचाएं. यदि आप धैर्य और शांति बनाए रखते हैं, तो अष्टम शनि भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे. कार्यक्षेत्र में संतुलन बनाकर चलना ही आपकी जीत होगी.
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए 'अर्धाष्टम शनि' (चौथे भाव का गोचर) शुरू हो रहा है. शनि आपके दूसरे और तीसरे भाव के स्वामी होकर अब सुख स्थान यानी चौथे भाव में गोचर करेंगे. इस दौरान जीवन में शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. करियर के लिहाज से यह समय अच्छी तरक्की का है. यदि आप अपने काम पर फोकस रखेंगे, तो कार्यस्थल पर कोई भी बड़ी रुकावट नहीं आएगी.
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