Rangbhari Ekadashi 2026: हिंदू कैलेंडर में वैसे तो साल भर में 24 एकादशी आती हैं, लेकिन फाल्गुन महीने की इस एकादशी की बात ही कुछ और है. इसे 'आमलकी एकादशी' और 'रंगभरी एकादशी' भी कहा जाता है. मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती को गौना कराकर पहली बार काशी लाए थे. 2026 की यह एकादशी बेहद खास संयोग लेकर आ रही है, क्योंकि यह एकादशी शुक्रवार को पड़ रही है. अगर आप लंबे समय से आर्थिक तंगी, करियर की रुकावट या घर के क्लेश से परेशान हैं, तो इस दिन 'तुलसी' से जुड़े कुछ गुप्त उपाय आपकी सोई हुई किस्मत जगा सकती है.
कब है आमलकी एकादशी?
वैदिक पंचांग की मानें तो एकादशी तिथि 27 फरवरी 2026, शुक्रवार को पड़ रही है. तिथि की शुरुआत 26 फरवरी की देर रात (यानी 27 फरवरी को 12:33 AM) से होगी. समापन 27 फरवरी की रात 10:32 PM पर होगा. शुक्रवार का दिन होने के कारण माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए यह सोने पर सुहागा जैसा मौका है.
1. कंगाली दूर करने का 'दूध-तुलसी' उपाय
अगर मेहनत के बाद भी जेब खाली रहती है या पैसा पानी की तरह बह जाता है, तो इस दिन स्नान के बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन करें. गाय के कच्चे दूध में तुलसी दल (पत्ते) डालकर उससे दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक करें. ज्योतिष के अनुसार, यह उपाय दरिद्रता को जड़ से खत्म कर देता है.
2. करियर में ग्रोथ के लिए
नौकरी में प्रमोशन अटका है या इंटरव्यू में बार-बार फेल हो रहे हैं? तो इस एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के पास 11, 21 या 51 घी के दीपक जलाएं. इसके बाद वहीं बैठकर श्रद्धा से तुलसी चालीसा का पाठ करें. माना जाता है कि ऐसा करने से करियर की राह में आने वाली हर बाधा 'धुआं' हो जाती है.
3. मां लक्ष्मी का 'श्रृंगार' और अखंड सौभाग्य
सुख-समृद्धि और घर में बरकत के लिए एकादशी पर तुलसी माता को सुहाग की सामग्री जैसे लाल चुनरी, चूड़ी और सिंदूर अर्पित करें. यह उपाय न केवल आर्थिक स्थिति सुधारता है, बल्कि वैवाहिक जीवन में आ रही खटास को भी दूर करता है.
4. व्यापार में वृद्धि के लिए 'जड़ की मिट्टी':
अगर बिजनेस ठप पड़ा है, तो एकादशी के दिन तुलसी के गमले की थोड़ी सी मिट्टी लेकर उसे एक पीले कपड़े में बांधें. अपने ऑफिस या दुकान के मुख्य द्वार पर लटका दें. यह नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करके ग्राहकों की आवाजाही बढ़ाता है.
5. मानसिक शांति के लिए 'परिक्रमा':
तुलसी के पौधे की 11 या 21 बार परिक्रमा करते हुए 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें. इससे मन का तनाव दूर होता है . इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.
ध्यान रखें, एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए और न ही पौधे में जल देना चाहिए (क्योंकि माना जाता है कि माता तुलसी भी इस दिन व्रत रखती हैं). आप एक दिन पहले ही पत्ते तोड़कर रख सकते हैं.
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