मैं परिणामों की चिंता नहीं करता, क्योंकि मेरा मानना है कि अगर आपका इरादा और कर्म (प्रोसेस) सही है, तो ईश्वर आपको सही फल जरूर देगा- एमएस धोनी
परिणाम का बोझ हटाना
अक्सर हम इस बात से डरे रहते हैं कि अगर मैं फेल हो गया तो क्या होगा? धोनी के हिसाब से यह डर ही हमें कमजोर बनाता है. जब हम केवल यह सोचते हैं कि हमें क्या हासिल करना है, तो हम तनाव में आ जाते हैं. इसके बजाय, अगर हम यह सोचें कि हमें आज क्या और कैसे करना है, तो मन शांत रहता है और हम बेहतर काम कर पाते हैं.
प्रोसेस का असली मतलब
धोनी के लिए प्रोसेस का मतलब है—वह मेहनत और तैयारी जो हम रोज करते हैं. जैसे एक छात्र के लिए अच्छी तैयारी करना प्रोसेस है और परीक्षा का नंबर रिजल्ट. अगर तैयारी (प्रोसेस) पूरी ईमानदारी से की गई है, तो नंबर अपने आप अच्छे आएंगे. धोनी इसी बात पर जोर देते हैं कि अपनी तैयारी और अनुशासन को कभी कम न होने दें.
ईश्वर और मेहनत पर भरोसा
इस विचार का एक बड़ा हिस्सा भरोसा है. जब हमारे इरादे साफ होते हैं तो हमें यह विश्वास रखना चाहिए कि ऊपर वाला हमारी मेहनत को बेकार नहीं जाने देगा. कभी-कभी हमें तुरंत वह नहीं मिलता जो हम चाहते हैं, लेकिन सही समय पर सही फल जरूर मिलता है.
सबक: वर्तमान में जिएं
कैप्टन कूल हमें सिखाते हैं कि भविष्य की चिंता करने के बजाय आज और अभी (Present Moment) में जीना चाहिए. जो चीज हमारे हाथ में नहीं है (जैसे रिजल्ट), उसके पीछे भागने से अच्छा है कि उस चीज को बेहतर बनाएं जो हमारे हाथ में है यानी हमारा कर्म. जब काम सही होगा, तो कामयाबी झक मारकर आपके पीछे आएगी.
aajtak.in