प्रेमानंद महाराज का जन्मदिन आज, कितनी हो गई उम्र और क्या है असली नाम?

वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज का जन्मोत्सव 2 दिन 18 और 19 मार्च को बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर देश के कोने-कोने से संत और भक्त उनके दर्शन के लिए पहुंचे हैं.

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प्रेमानंद महाराज आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. (Photo: Instagram) प्रेमानंद महाराज आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. (Photo: Instagram)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:45 PM IST

Premanand Maharaj Janmotsav 2026: वृंदावन की गलियों में इन दिनों भक्ति का अलग ही रंग देखने को मिल रहा है क्योंकि हमेशा की तरह इस बार भी 18 और 19 मार्च को राधा रानी के भक्त और 'राधा केलि कुंज' वाले श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है. 18 मार्च से शुरू हुए इस उत्सव में भक्ति, संगीत और संतों के समागम ने माहौल को आध्यात्मिक बना दिया है. दरअसल, चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रेमानंद महाराज का जन्मदिन होता है इसलिए लोग उनके दर्शन के लिए पहुंचे थे.

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वृंदावन में हुआ संतों का संगम

प्रेमानंद महाराज के जन्मोत्सव पर वृंदावन में एक बार फिर संतों का अनूठा संगम देखने को मिला. ऑफिशिअल इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि उत्सव की शुरुआत संतों के स्वागत के साथ हुई.

कई बड़े आश्रमों के पीठाधीश्वर और जटाधारी संत पीले और सफेद वस्त्रों में महाराज के चरणों में नमन करने पहुंचे. संतों ने महाराज को माला पहनाई और तिलक लगाकर उनका सम्मान किया.

फूलों की रंगोली से किया महाराज का स्वागत

प्रेमानंद मगहाराज के जन्मोत्सव का मुख्य आकर्षण फूलों की वर्षा और फूलों की रंगोली रही. भक्तों ने महाराज के स्वागत में जमीन पर गुलाब और गेंदे के फूलों की सुंदर कालीन बिछाई थी. साथ ही, उत्सव के दौरान कलाकारों ने राधा-कृष्ण का रूप रखकर सुंदर नृत्य भी किया. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे महाराज खुद भी भक्तों के प्रेम को स्वीकार कर रहे हैं.

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कितनी हुई महाराज की उम्र?

प्रेमानंद महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. उनके बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था. उनकी दोनों किडनियों खराब होने के बावजूद भी वो काफी ऊर्जा और भक्ति के साथ भक्तों का मार्गदर्शन करते हैं.

महाराज अपनी उम्र और शरीर को लेकर अधिक चर्चा करना पसंद नहीं करते, लेकिन उनके जीवन के सफर और संन्यास के वर्षों को देखें तो उनकी उम्र 57 साल हो गई है.

अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक, उनका जन्म 30 मार्च 1969 को हुआ था लेकिन वो हिंदू कैलेंडर विक्रम संवत के हिसाब से चैत्र नवरात्रि के पहले दिन जन्मदिन मनाते हैं.

भक्तों के लिए खास संदेश

जन्मोत्सव के दौरान महाराज ने अपने भक्तों से किसी भी दिखावे से दूर रहने और केवल नाम जप पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की. उन्होंने सिखाया कि भगवान के प्रति समर्पण ही जीवन का असली सुख है. उत्सव में पहुंचे भक्तों ने उनके स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रार्थना की और महाराज ने सभी को आशीर्वाद दिया.

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