Panchak March 2026: आज से लग रहा है राज पंचक, इन कामों से बना लें दूरी

Panchak March 2026: 16 मार्च, शाम 6:14 बजे से 'राज पंचक' शुरू हो रहे हैं, जो 20 मार्च, रात 2:28 बजे तक रहेंगे. सोमवार से शुरू होने के कारण यह पंचक शुभ माना जाता है.

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आज शाम से लगेगा पंचक आज शाम से लगेगा पंचक

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:12 AM IST

Panchak March 2026: ज्योतिष शास्त्र में 'पंचक' को एक चुनौतीपूर्ण समय माना जाता है, लेकिन जब पंचक की शुरुआत सोमवार से हो, तो इसे 'राज पंचक' कहा जाता है. 16 मार्च 2026, सोमवार की शाम 6:14 बजे से पंचक लग रहे हैं, जो 20 मार्च की देर रात 2:28 बजे तक प्रभावी रहेंगे. धनिष्ठा नक्षत्र से शुरू होकर रेवती नक्षत्र तक का यह पांच दिवसीय काल विशेष सावधानी और सही निर्णय लेने का समय होता है. सामान्य पंचक में जहां कार्यों पर रोक होती है, वहीं 'राज पंचक' को सफलता और शुभता का प्रतीक माना गया है. 

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राज पंचक में क्यों हैं ये दिन विशेष?
नाम के अनुरूप, 'राज' पंचक राजसी सुख, धन और सफलता देने वाला माना जाता है. अन्य पंचकों की तुलना में यह काफी सकारात्मक प्रभाव छोड़ता है. 

राज पंचक के दौरान क्या करना शुभ है?

सरकारी और प्रशासनिक कार्य: राज पंचक सरकारी कार्यों के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं.  सरकारी नौकरी से जुड़ा कोई आवेदन हो, फाइलों का काम हो या कोई अटका हुआ सरकारी कार्य इन दिनों में उन्हें आगे बढ़ाना फायदेमंद हो सकता है. 

व्यावसायिक विस्तार: यदि आप अपने कारोबार को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं या नई साझेदारी करना चाहते हैं, तो राज पंचक इसके लिए अनुकूल समय है. 

संपत्ति का क्रय-विक्रय: संपत्ति या जमीन-जायदाद से जुड़े सौदे करना शुभ माना जाता है. हालांकि, बड़े निवेश से पहले कुंडली के ग्रहों की स्थिति का आकलन किसी ज्योतिषी से करवा लेना बुद्धिमानी है.

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आध्यात्मिक साधना: सोमवार से शुरू होने वाले पंचक भगवान शिव को समर्पित होते हैं. इन दिनों में महादेव और भगवान विष्णु की उपासना, मंत्र जाप और ध्यान करने से मानसिक शांति और बाधाओं से मुक्ति मिलती है. 

दान-पुण्य: राज पंचक में किया गया दान कई गुना फल देता है. गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने से पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. 

इन बातों का रखें विशेष ध्यान 

लकड़ी का काम: पंचक के दौरान घर में नया फर्नीचर बनवाना या लकड़ी खरीदना वर्जित माना गया है. 

अंतिम संस्कार: शास्त्रों के अनुसार, पंचक में किसी की मृत्यु होने पर दाह-संस्कार के समय विशेष शांति कर्म (पांच पुतलों का विधान) करना आवश्यक होता है. 

घर बनवाना: छत डालना, घर की नींव रखना या घर की दक्षिण दिशा में निर्माण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए. 
नकारात्मकता से दूरी: इन दिनों वाद-विवाद, झगड़े या किसी भी तरह के नकारात्मक विचारों से खुद को दूर रखें. 

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