माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को है. हिंदू पंचांग में इसे अत्यंत पावन तिथि माना गया है. मान्यता है कि इस दिन स्नान-दान करने से ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर किया गया दान न केवल पुण्य प्रदान करता है, बल्कि नवग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत करता है. जिन जातकों की कुंडली में ग्रह दोष या बाधाएं होती हैं, उन्हें माघ पूर्णिमा पर दान के माध्यम से शांत किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि इस दिन ग्रहों की शांति के लिए किन चीजों का दान करना उचित होता है.
सूर्य- सूर्य आत्मबल, मान-सम्मान और स्वास्थ्य का कारक ग्रह है. माघ पूर्णिमा पर गुड़ और गेहूं का दान करने से सूर्य मजबूत होता है. यह दान गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति को देना ही उत्तम फलदायी होता है.
चंद्रमा- चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है. यदि मानसिक तनाव या अस्थिरता बनी रहती है माघ पूर्णिमा पर सफेद कपड़े, दूध, मिश्री या चावल का दान करना शुभ होता है.
मंगल- मंगल साहस और ऊर्जा का प्रतीक है. इसके अशुभ प्रभाव से क्रोध और विवाद बढ़ सकते हैं. माघ पूर्णिमा पर मसूर की दाल, गुड़ या लाल कपड़ों का दान करने से मंगल दोष शांत किया जा सकता है.
बुध- बुद्धि और वाणी के स्वामी बुध ग्रह को शांत करने के लिए हरी सब्जियां, हरी मूंग, आंवला या हरे कपड़े दान करना उत्तम माना गया है. इस उपाय को करने से छात्रों की एकाग्रता भी बेहतर होती है.
बृहस्पति- देवगुरु बृहस्पति ज्ञान, धन और धर्म का कारक ग्रह है. माघ पूर्णिमा पर चने की दाल, पीले वस्त्र, केला या हल्दी का दान करने गुरु संबंधी दोष दूर होता है और भाग्य मजबूत होता है. इससे जीवन में सही मार्गदर्शन मिलता है.
शुक्र- शुक्र सुख, वैभव और वैवाहिक जीवन का कारक है. माघ पूर्णिमा पर घी, दूध, चावल या सफेद तिल का दान करने से रिश्तों में मधुरता और भौतिक सुखों में वृद्धि होती है. ऐसे जातक को कभी धनधान्य की समस्या नहीं होगी.
शनि- शनि को कर्मों का फलदाता माना गया है. माघ पूर्णिमा के अवसर पर काले तिल, सरसों का तेल या काले कपड़े दान करने से शनि के कठोर प्रभाव में कमी आती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं.
राहु-केतु- राहु-केतु अचानक आने वाली समस्याओं के कारक माने जाते हैं. माघ पूर्णिमा पर सात तरह के अनाज, काला कंबल या जूते-चप्पल का दान करने इनके दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है.
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