Holika Dahan: हिंदू धर्म में होलिका दहन का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है. यह दिन बुराई के अंत और अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन लोग पूरे परिवार के साथ मिलकर होलिका माता की पूजा करते हैं और शुभ मुहूर्त में होलिका दहन करते हैं. मान्यता है कि विधि-विधान से किया गया होलिका दहन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि लेकर आता है. लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी नियमों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है, जिनकी अनदेखी करने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है.
होलिका दहन के जरूरी नियम
1. परिक्रमा और अर्पण का महत्व
होलिका दहन से पहले कच्चा सूत या कलावा लेकर 5 से 7 बार परिक्रमा जरूर करनी चाहिए. इसके बाद अग्नि में जौ या अक्षत अर्पित करें. नई फसल को भूनकर प्रसाद के रूप में घर लाना और बांटना शुभ माना जाता है.
2. कपड़ों का रखें ध्यान
इस दिन सफेद, पीले या लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना गया है. काले रंग या चमड़े के कपड़ों से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें नकारात्मकता से जोड़ा जाता है. महिलाओं को भी बहुत अधिक चमकीले या गहरे रंगों के कपड़े पहनने से बचना चाहिए.
3. अग्नि के पास कुछ देर जरूर रुकें
अक्सर लोग होलिका जलाकर तुरंत लौट आते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. कुछ समय तक वहीं रुककर अग्नि की परिक्रमा करनी चाहिए. मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है. अगले दिन होलिका की राख को घर लाकर तिलक करना और घर में छिड़कना शुभ होता है.
4. तामसिक चीजों से दूरी रखें
होलिका दहन के दिन मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन सात्विक भोजन करना ही उचित माना गया है, क्योंकि इससे घर में सकारात्मकता बनी रहती है और स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है.
5. महिलाओं के लिए खास सावधानी
पूजा के समय महिलाओं को अपने बाल खुले
नहीं रखने चाहिए. ऐसा माना जाता है कि खुले बाल नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं, इसलिए पूजा के दौरान बाल बांधकर रखना बेहतर होता है.
होलिका दहन पर रहेगा भद्रा का साया
द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल होलिका दहन 2 मार्च की रात को किया जाएगा, जिसका मुहूर्त शाम 6 बजकर 22 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. इसी दिन शाम 5 बजकर 55 मिनट से भद्रा काल शुरू होकर 3 मार्च सुबह 4 बजकर 28 मिनट तक रहेगा. ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार भद्रा का प्रभाव पृथ्वी लोक पर रहेगा, इसलिए प्रदोष काल में पूजन करना उचित माना गया है. इस समय दान-पुण्य करना भी लाभकारी होता है.
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