Hindu Nav Varsh 2026: कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष 2026, जानें कौन होगा राजा और मंत्री?

Hindu Nav Varsh 2026: 19 मार्च से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत हो रही है. जानें इस साल के राजा-मंत्री कौन होंगे और रौद्र संवत का देश-दुनिया पर क्या असर पड़ेगा.

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हिंदू नववर्ष 2026 (Photo: ITG) हिंदू नववर्ष 2026 (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:05 AM IST

Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, नए साल की शुरुआत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी, इसलिए इसे हिंदू नववर्ष का पहला दिन माना जाता है. इसी दिन से पूरे साल का फल और उसके प्रभाव का आकलन भी किया जाता है.

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कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष?

साल 2026 में हिंदू नववर्ष यानी विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च से होगी. इस दिन गुरुवार पड़ रहा है, इसलिए इस वर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति होंगे. ज्योतिष के नियम के अनुसार जिस वार से साल शुरू होता है, उसी वार का स्वामी ग्रह पूरे वर्ष का राजा माना जाता है. वहीं इस साल के मंत्री मंगल ग्रह होंगे. इसलिए इस संवत का नाम 'रौद्र' रखा गया है.

कैसा रहेगा रौद्र संवत का असर?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, रौद्र नाम का यह संवत थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. दुनिया भर में राजनीतिक तनाव बढ़ने के संकेत हैं और देशों के बीच मतभेद भी देखने को मिल सकते हैं. कुछ स्थानों पर युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है. इसके अलावा इस साल आगजनी, दुर्घटनाओं और प्राकृतिक समस्याओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं. बारिश कम होने की वजह से फसलों पर असर पड़ सकता है, जिससे महंगाई भी बढ़ने की संभावना है. कई देशों में जनता सरकार के खिलाफ आवाज उठा सकती है. कुल मिलाकर यह साल कुछ उतार-चढ़ाव और चुनौतियां लेकर आ सकता है.

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क्या होता है रौद्र संवत्सर?

ज्योतिषियों ने विक्रम संवत 2083 को 'रौद्र' नाम दिया है. हर साल का एक अलग नाम होता है, जिससे उस वर्ष के स्वभाव और संभावित घटनाओं का अंदाजा लगाया जाता है. इस बार नए साल की शुरुआत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में होगी और उस समय शुक्ल योग के साथ मीन लग्न रहेगा. इन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को ज्योतिष में काफी अहम माना जाता है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर साल भर के प्रभाव का आकलन किया जाता है. रौद्र शब्द का मतलब उग्र या तेज स्वभाव से जुड़ा होता है. इसी कारण यह माना जा रहा है कि पूरे साल के दौरान प्रकृति, समाज और राजनीति से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं.

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