Hanuman Jayanti 2026: सुबह छूट गई पूजा? जानिए हनुमान जयंती पर क्या है शाम का मुहूर्त

Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जी को शक्ति, साहस, भक्ति और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक माना जाता है. वे अपने भक्तों के सभी संकट दूर करने वाले “संकटमोचन” के रूप में पूजे जाते हैं. इस दिन उनकी पूजा-अर्चना करने से भय, नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलने की मान्यता है.

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हनुमान जयंती पूजा शुभ मुहूर्त हनुमान जयंती पूजा शुभ मुहूर्त

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:43 PM IST

Hanuman Jayanti 2026 Puja Muhurat: आज देशभर में संकटमोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है. मान्यता है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन संकटमोचन हनुमान जी का जन्म हुआ था. यह दिन शक्ति, भक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है. कई भक्त सुबह के समय पूजा कर लेते हैं, लेकिन यदि आप किसी कारणवश ऐसा नहीं कर पाए हैं, तो शाम का समय भी उतना ही शुभ और फलदायी माना गया है. 

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हनुमान जयंती 2026: शुभ मुहूर्त

इस वर्ष हनुमान जयंती पर पूजा के लिए दो प्रमुख मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं. सुबह का शुभ समय 6:10 बजे से 7:44 बजे तक रहा, जबकि शाम का मुहूर्त 6:39 बजे से रात 8:06 बजे तक है. यदि सुबह पूजा नहीं हो पाई है, तो शाम के इस समय में श्रद्धा से की गई आराधना भी पूर्ण फल देती है. 

शाम की पूजा का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शाम के समय हनुमान जी की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. यह समय विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो दिनभर काम में व्यस्त रहते हैं. इस समय की गई पूजा से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर में सुख-शांति व समृद्धि का वास होता है. 

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पूजा की तैयारी कैसे करें

शाम की पूजा से पहले स्वयं को शुद्ध करना आवश्यक है. स्नान करें या कम से कम हाथ-पैर धो लें. इसके बाद साफ और हल्के रंग के वस्त्र, विशेषकर लाल या पीले रंग के कपड़े पहनें. पूजा स्थान को स्वच्छ रखें.  हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर को उचित स्थान पर स्थापित करें. 

पूजा विधि

पूजा की शुरुआत दीप जलाकर करें.  हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है, हालांकि घी का दीपक भी उपयोग किया जा सकता है. इसके बाद हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें या संभव हो तो चोला चढ़ाएं.  भोग में बूंदी या बेसन के लड्डू, या गुड़-चना अर्पित करें. पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का सात बार पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है . इस दौरान “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जाप करें. 

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