Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी कल, सुबह ब्रह्म मुहूर्त में इतने बजे है स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

गंगा सप्तमी पर गंगा स्नान ब्रह्म मुहूर्त में करना सबसे शुभ माना गया है. इस बार गंगा सप्तमी पर ब्रह्म मुहूर्त का समय 23 अप्रैल को सुबह 4 बजकर 20 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 4 मिनट तक रहने वाला है. इस दिन गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है.

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गंगा सप्तमी के दिन यदि संभव हो तो गंगा घाट पर जाकर स्नान करना चाहिए. (Photo: ITG) गंगा सप्तमी के दिन यदि संभव हो तो गंगा घाट पर जाकर स्नान करना चाहिए. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:54 PM IST

23 अप्रैल यानी कल गंगा सप्तमी है. मान्यता है कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था. शास्त्रों में इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है. कहते हैं कि इस दिन गंगा स्नान, तप, ध्यान और दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस दिन गंगा नदी के तटों और देवालयों में विशेष पूजा-अर्चना करने से इंसान का सोया भाग्य जागता है. आइए जानते गंगा सप्तमी पर इस दिन का महत्व और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त जानते हैं.

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मां गंगा का धरती पर आगमन कैसे हुआ?
पौराणिक कथाओं में जिक्र मिलता है कि कपिल मुनि के श्राप से राजा सगर के 60 हजार पुत्र भस्म हो गए थे. उनके उद्धार के लिए राजा सगर के वंशज भगीरथ ने कठोर तपस्या की थी. उनकी इसी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा धरती पर अवतरित हुईं. कहा जाता है कि मां गंगा के स्पर्श से ही सगर पुत्रों को मुक्ति मिली थी. इसी कारण मां गंगा को मोक्षदायिनी भी कहा गया है.

गंगा सप्तमी की पूजन विधि
गंगा सप्तमी के दिन यदि संभव हो तो गंगा घाट पर जाकर स्नान जरूर करें. स्नान के बाद “ॐ श्री गंगे नमः” मंत्र का उच्चारण करते हुए मां गंगा को अर्घ्य अर्पित करें. इसके बाद घाट के पास अन्य मंदिरों में भी पूजा-अर्चना करें. पूजा के बाद अपनी क्षमता अनुसार ब्राह्मणों और जरूरतमंद लोगों को दान दें. गंगा पूजन के बाद तट पर तिल या तिल से बनी चीजों का दान करना शुभ माना जाता है.

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गंगा स्नान संभव न हो तो क्या उपाय करें?
यदि आपके लिए गंगा नदी तक जाना संभव न हो तो घर पर सामान्य जल में ही गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाकर स्नान कर लें. मान्यता है कि इससे भी पुण्य फल की प्राप्ति होती है. गंगा सप्तमी पर दान-पुण्य और सेवा कार्य करने का विशेष महत्व बताया गया है.

गंगा स्नान का शुभ मुहूर्त
गंगा सप्तमी पर गंगा स्नान ब्रह्म मुहूर्त में करना सबसे शुभ माना गया है. इस बार गंगा सप्तमी पर ब्रह्म मुहूर्त का समय 23 अप्रैल को सुबह 4 बजकर 20 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 4 मिनट तक रहने वाला है. इस दिन गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है.

गंगाजल के विशेष प्रयोग

1. स्वास्थ्य के लिए उपाय
गंगा सप्तमी के दिन शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं. जल अर्पित करते समय महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें या “ॐ नमः शिवाय” बोलें. इसके बाद उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्रार्थना करें. 

2. धन के लिए उपाय
शाम के समय चांदी या स्टील के लोटे में गंगाजल भरें, उसमें बेलपत्र रखें और शिव मंदिर जाएं. शिवलिंग पर जल चढ़ाकर बेलपत्र अर्पित करें. मन ही मन आर्थिक परेशानियां दूर होने की कामना करें. 

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3. घर की शुद्धि का उपाय
गंगा सप्तमी पर तांबे के पात्र में गंगाजल भरें. कुश के आसन पर बैठकर गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें. इसके बाद घर के सभी सदस्य एक-एक चम्मच गंगाजल ग्रहण करें और घर में इसका छिड़काव करें. इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होगा.

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