Chanakya Niti: चाणक्य को भारतीय इतिहास के सबसे प्रखर विचारकों में गिना जाता है. उनकी नीतियां आज भी जीवन को दिशा देने का काम करती हैं. उनका मानना था कि धन, पद और प्रसिद्धि से ज्यादा जरूरी है समाज में मिलने वाला सम्मान.यदि व्यक्ति के पास सब कुछ हो, लेकिन उसे इज्जत न मिले, तो उसका जीवन अधूरा सा लगता है. आचार्य चाणक्य के अनुसार सम्मान बाहर से हासिल नहीं किया जा सकता, यह हमारे विचारों, व्यवहार और चरित्र से कमाया जाता है.आइए जानते हैं वे कौन-सी बातें हैं जिन्हें अपनाकर कोई भी व्यक्ति समाज में आदर प्राप्त कर सकता है.
खुद की इज्जत करेंगे, तभी दुनिया करेगी
चाणक्य साफ कहते हैं कि अगर आप खुद को ही अहमियत नहीं देंगे, तो कोई और भी नहीं देगा.अगर आप हर वक्त खुद को कमजोर या कम समझते रहेंगे, तो लोग भी आपको सीरियसली नहीं लेंगे. अपने समय, मेहनत और फैसलों की कदर करना सीखिए. जब आप खुद को महत्व देंगे, तभी सामने वाला भी आपको वैल्यू देगा.
बात के पक्के बनिए
इंसान की पहचान उसकी बात से होती है.जो लोग बार-बार वादा करके मुकर जाते हैं, उन पर धीरे-धीरे कोई भरोसा नहीं करता और जहां भरोसा नहीं होता, वहां इज्जत भी नहीं रहती. इसलिए उतना ही बोलिए, जितना निभा सकें. आपकी साख ही आपकी असली पूंजी है.
जरूरत से ज्यादा अच्छे बनने की कोशिश न करें
हर बात पर हां में हां मिलाना, अपनी राय दबा देना या सिर्फ लोगों को खुश करने के लिए बोलना अच्छी बात नहीं है. इससे लोग आपको हल्के में लेने लगते हैं. विनम्र रहना अच्छी बात है, लेकिन अपनी बात साफ और आत्मसम्मान के साथ रखना उससे भी ज्यादा जरूरी है.
सही-गलत की समझ रखें
गलत रास्ते से मिली कामयाबी ज्यादा दिन नहीं टिकती.झूठ, चालाकी या शॉर्टकट से आप कुछ समय के लिए आगे निकल सकते हैं, लेकिन लोग सच्चाई देर-सवेर जान ही लेते हैं. ईमानदारी और साफ नीयत ही असली सम्मान दिलाती है.
गुस्से पर काबू रखना जरूरी
गुस्से में इंसान ऐसी बातें कह देता है, जिनका पछतावा बाद में होता है. एक पल का गुस्सा सालों की बनाई इज्जत खराब कर सकता है. जो व्यक्ति हर समय चिड़चिड़ा रहता है, लोग उससे दूरी बना लेते हैं.धैर्य, संयम और संतुलित व्यवहार ही इंसान को अलग पहचान दिलाते हैं. मुश्किल हालात में भी जो खुद पर काबू रखे, वही सच में सम्मान के लायक होता है.
aajtak.in