Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र का समय सिर्फ पूजा-पाठ का नहीं है, बल्कि यह नई ऊर्जा, सकारात्मकता और खुशहाली लाने का अवसर है. इस साल यह पर्व 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहा है और नौ दिनों तक चलेगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अगर कोई पूरे नौ दिन का व्रत नहीं रख पाता, तो भी पहला और आखिरी दिन का व्रत रखकर मां दुर्गा का आशीर्वाद आसानी से पाया जा सकता है. नवरात्र के दौरान देवी दुर्गा के नौ रूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा होती है, जो अलग-अलग शक्तियों और गुणों का प्रतीक हैं. इन नौ दिनो में कुछ उपाय करने से जीवन में खुशहाली आती है, जानते हैं उन उपायों के बारे में.
1. मुख्य दरवाजे पर शुभ चिन्ह
घर के मुख्य दरवाजे पर स्वास्तिक बनाना बहुत शुभ माना जाता है. ये सिर्फ सजावट नहीं है, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक है. ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती. परिवार में सफलता और तरक्की के रास्ते खुलते हैं. प्राचीन वैदिक ग्रंथों में स्वास्तिक को शुभता और जीवन ऊर्जा का प्रतीक माना गया है.
2. आम के पत्तों का तोरण
दरवाजे पर ताजे आम के पत्तों का तोरण लगाना भी बहुत शुभ माना जाता है. यह घर को शुद्ध और पवित्र करके देवी को आमंत्रित करता है. इससे परिवार में सुख, समृद्धि और भाईचारे की वृद्धि होती है. आम के पत्तों में देवी का वास होता है. इन्हें लगाने से घर का माहौल भक्तिमय और आनंदमय बनता है.
3. जल कलश से शांति और समृद्धि
घर के मुख्य दरवाजे के दाईं ओर जल से भरा कलश रखें. हमेशा नया कलश इस्तेमाल करें. यह उपाय शांति और सुख-सुविधाओं को बढ़ाता है. घरवालों का मन हल्का रहता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जल कलश रखने से विशेषकर शुक्र और चंद्र ग्रह मजबूत होते हैं, जिससे मानसिक शांति और संपत्ति दोनों बढ़ती हैं.
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