Chaitra Navratri 2026: कब से शुरू होगी चैत्र नवरात्र? यहां जानें घटस्थापना से लेकर पारण तक का पूरा कैलेंडर

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्र 2026 की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है. जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, नवरात्र की तिथि, नवदुर्गा के दिन और पूरी पूजा विधि के साथ राम नवमी की पूरी जानकारी.

Advertisement
चैत्र नवरात्र 2026 (Photo: ITG) चैत्र नवरात्र 2026 (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:45 AM IST

Chaitra Navratri 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र का शुभारंभ होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 19 मार्च 2026, गुरुवार से चैत्र नवरात्र शुरू होगी और इन शुभ तिथियों का समापन 27 मार्च को होगा. संयोगवश इसी दिन से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होगी. परंपरानुसार, चैत्र नवरात्र के 9 दिनों में मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की उपासना की जाती है, जिससे जातक पर मां दुर्गा का आशीर्वाद बना रहता है.

Advertisement

चैत्र नवरात्र का मुख्य उद्देश्य शक्ति की आराधना करना और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करना है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दौरान देवी की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. इस नवरात्र मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आने वाली है. तो आइए अब जानते हैं कि चैत्र नवरात्र कितने दिन की रहेगी, तिथि क्या रहेगी और विशेष दिन कौन कौन से रहेंगे. 

चैत्र नवरात्र की तिथि (Chaitra Navratri 2026 Tithi)

द्रिक पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 20 मार्च को सुबह 4 बजकर 52 मिनट पर होगा. 

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त (Ghat Sthapna 2026 Shubh Muhurat)

चैत्र नवरात्र के दिन घटस्थापना का सबसे पहला शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से शुरू होगा और समापन सुबह 7 बजकर 43 मिनट पर होगा.

Advertisement

दूसरा अभिजीत मुहूर्त रहेगा जिसका समय दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से लेकर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा. 

तीसरा गोधूलि मुहूर्त रहेगा जिसका समय शाम 6 बजकर 35 मिनट से लेकर 6 बजकर 59 मिनट तक रहेगा.

कितने दिन की होगी चैत्र नवरात्र?

ज्योतिषियों के अनुसार, साल 2026 की चैत्र नवरात्र 9 दिनों की रहेगी, जिसका समापन रामनवमी की तिथि के साथ होगा. यानी 19 मार्च से लेकर 17 मार्च तक नवरात्र का पर्व मनाया जाएगा. 

नवरात्रि के नौ दिन और देवी के स्वरूप

नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है. 

19 मार्च- मां शैलपुत्री
20 मार्च- मां ब्रह्मचारिणी
21 मार्च- मां चंद्रघंटा
22 मार्च- मां कूष्मांडा
23 मार्च- मां स्कंदमाता
24 मार्च- मां कात्यायनी
25 मार्च- मां कालरात्रि
26 मार्च- मां महागौरी (अष्टमी)

27 मार्च- मां सिद्धिदात्री (राम नवमी)

चैत्र नवरात्र पूजन विधि (Chaitra Navratri Pujan Vidhi)

चैत्र नवरात्र के दिन घर की साफ-सफाई करके पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध किया जाता है और चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित की जाती है. इसके बाद कलश स्थापना की जाती है, जिसमें मिट्टी के पात्र में जौ बोकर उस पर जल से भरा कलश रखा जाता है और उस पर आम के पत्ते व नारियल स्थापित किया जाता है. फिर श्रद्धालु संकल्प लेकर व्रत और पूजा का आरंभ करते हैं. नवरात्र के नौ दिनों तक प्रतिदिन दीपक जलाकर, धूप-अगरबत्ती करके, फूल, फल और नैवेद्य अर्पित कर मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है तथा दुर्गा चालीसा या सप्तशती का पाठ किया जाता है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement