Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा कल, भूलकर भी ना करें ये 5 गलतियां, उल्टे पांव लौट जाएंगी मां लक्ष्मी

Buddha Purnima 2026: 1 मई 2026 को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी, जो हिंदू और बौद्ध धर्म में बेहद पवित्र मानी जाती है. इस दिन कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी होता है. तो आइए जानते हैं कि इस कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए.

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बुद्ध पूर्णिमा पर इन नियमों का करें पालन (Photo: ITG) बुद्ध पूर्णिमा पर इन नियमों का करें पालन (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

Buddha Purnima 2026: 1 मई यानी कल बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी. हिंदू धर्म में हर पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है, लेकिन वैशाख माह की पूर्णिमा यानी बुद्ध पूर्णिमा सबसे खास मानी जाती है. यह दिन न केवल भगवान गौतम बुद्ध के जन्म का प्रतीक है, बल्कि इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति भी हुई थी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का 9वां अवतार भी माना जाता है, इसलिए यह पर्व हिंदू और बौद्ध, दोनों धर्मों के लिए बेहद पवित्र है. ज्योतिषियों की मानें तो, इस दिन कुछ गलतियों से बचना चाहिए. आइए जानते हैं. 

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बुद्ध पूर्णिमा पर क्या न करें

तुलसी से जुड़ी गलती

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी माता लक्ष्मी का स्वरूप मानी जाती हैं. ऐसे में बुद्ध पूर्णिमा के दिन, खासकर शाम के समय तुलसी के पत्ते तोड़ना या पौधे को छूना अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से पूजा का पूरा फल नहीं मिलता और घर की सकारात्मक ऊर्जा भी प्रभावित हो सकती है.

खुले बाल रखना

पूर्णिमा की पूजा के दौरान महिलाओं को बाल बांधकर रखने की सलाह दी जाती है. खुले बाल को अशुद्धता और अस्थिरता का प्रतीक माना जाता है. इससे ध्यान भंग होता है और पूजा का प्रभाव कम हो सकता है.

मांसाहार और मदिरा का सेवन

बुद्ध पूर्णिमा करुणा, अहिंसा और सात्विक जीवन का प्रतीक है. इस दिन मांसाहार या शराब का सेवन करने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और यह भगवान बुद्ध के उपदेशों के विरुद्ध माना जाता है. इसलिए इस दिन सात्विक भोजन ही करना चाहिए.

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किसी जीव को कष्ट देना

भगवान बुद्ध ने अहिंसा को जीवन का सबसे बड़ा सिद्धांत बताया है. ऐसे में इस दिन किसी भी जीव चाहे छोटा हो या बड़ा, को नुकसान पहुंचाना अशुभ माना जाता है. यह आपके पुण्य को कम कर सकता है.

पुराने या गंदे कपड़े पहनना व खरीदना

बुद्ध पूर्णिमा पवित्रता और शुद्धता का पर्व है. इस दिन गंदे, फटे या इस्तेमाल किए हुए कपड़े पहनना या खरीदना नकारात्मकता को बढ़ा सकता है. साफ और हल्के रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है.

इन चीजों की खरीदारी से बचें

लोहे की वस्तुएं
लोहे को शनि और कठोरता से जोड़ा जाता है. इस दिन इसे खरीदना घर में नकारात्मक ऊर्जा ला सकता है.

चमड़े से बनी चीजें
चमड़ा मृत पशुओं से बनता है, इसलिए इसे तामसिक माना जाता है. बुद्ध पूर्णिमा जैसे पवित्र दिन पर इसकी खरीद से बचना चाहिए.

धारदार वस्तुएं 
धारदार वस्तुएं हिंसा और कटुता का प्रतीक होती हैं, जो इस दिन की शांति और करुणा के भाव के विपरीत हैं.

काले रंग की चीजें
काला रंग कई मान्यताओं में नकारात्मक ऊर्जा और शनि से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इस दिन इससे बचना बेहतर है.

नकारात्मक तस्वीरें या मूर्तियां
डरावनी, हिंसात्मक या उदासी दर्शाने वाली वस्तुएं घर के माहौल को प्रभावित कर सकती हैं और सकारात्मकता को कम कर देती हैं.

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