Basant Panchami 2022: बसंत पंचमी का पर्व आज 5 फरवरी दिन शनिवार को मनाया जा रहा है. इस दिन से ही वसंत ऋतु की शुरूआत होती है. इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है. बसंत पंचमी को श्री पंचमी भी कहते हैं. शिक्षा प्रारंभ करने या किसी नई कला की शुरूआत करने के लिए ये दिन शुभ माना जाता है. इस दिन कई लोग गृह प्रवेश भी करते हैं. आइये जानते हैं कि बसंत पंचमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि...
तीन योगों का बन रहा खास संयोग
बसंत पंचमी 5 फरवरी 2022 दिन शनिवार यानि आज मनाई जा रही है. इस बार पंचमी तिथि पर तीन योगों का खास संयोग बन रहा है. 4 फरवरी को सुबह 7 बजकर 10 मिनट से सिद्ध योग शुरू हो चुका है, जो 5 फरवरी को शाम 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगा. वहीं 5 फरवरी को शाम 5 बजकर 41 मिनट से अगले दिन 6 फरवरी को शाम 4 बजकर 52 मिनट तक साध्य योग रहेगा. इसके अलावा इस दिन दिन रवि योग का शुभ संयोग होने से त्रिवेणी योग बन रहा है.
बसंत पंचमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त (Basant Panchami Shubh Muhurt)
माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि शनिवार, 5 फरवरी को सुबह 03 बजकर 47 मिनट से प्रारंभ होगी, जो अगले दिन रविवार, 6 फरवरी को सुबह 03 बजकर 46 मिनट तक रहेगी. बसंत पंचमी की पूजा सूर्योदय के बाद और पूर्वाह्न से पहले की जाती है. पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट यानि 5 घंटे 28 मिनट तक का रहेगा.
बसंत पंचमी पूजा विधि (Basant Panchami Puja Vidhi)
इस दिन पीले, बसंती या सफेद वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा की शुरुआत करें. मां सरस्वती को पीला वस्त्र बिछाकर उस पर स्थापित करें और रोली मौली, केसर, हल्दी, चावल, पीले फूल, पीली मिठाई, मिश्री, दही, हलवा आदि प्रसाद के रूप में उनके पास रखें. मां सरस्वती को श्वेत चंदन और पीले तथा सफेद पुष्प दाएं हाथ से अर्पण करें. केसर मिश्रित खीर अर्पित करना सर्वोत्तम होगा.
इस मंत्र का करें जाप
हल्दी की माला से मां सरस्वती के मूल मंत्र ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः का जाप करें. शिक्षा की बाधा का योग है तो इस दिन विशेष पूजा करके उसको ठीक किया जा सकता है.
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