Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से, जानें रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया और जरूरी तारीखें

Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में लगभग 12,756 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. यहां प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनता है, जिसे भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है.

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Amarnath Yatra (File Photo: ITG) Amarnath Yatra (File Photo: ITG)

मीर फरीद

  • नई दिल्ली,
  • 12 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:37 PM IST

Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा 2026 की घोषणा हो चुकी है. श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अनुसार, इस साल की वार्षिक तीर्थयात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होगी. इसका समापन 28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन के पावन अवसर पर होगा.  इस बार यह यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है. 

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प्रथम पूजा और आध्यात्मिक शुरुआत
यात्रा के औपचारिक आरंभ से पहले, भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए प्रथम पूजा का आयोजन किया जाएगा.  यह विशेष पूजा ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन, यानी 29 जून 2026 को  संपन्न होगी.  इसी दिन से यात्रा के लिए आध्यात्मिक वातावरण तैयार हो जाता है. 

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया: कब और कैसे कराएं पंजीकरण?

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ के प्रबंधन के लिए अग्रिम पंजीकरण (Advance Registration) अनिवार्य है. इस साल रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू हो जाएगी.  भक्त ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से अपना पंजीकरण करा सकते हैं. 

ऑफलाइन माध्यम: देशभर में स्थित जम्मू-कश्मीर बैंक, पीएनबी (PNB), एसबीआई (SBI) और यस बैंक (Yes Bank) की 554 शाखाओं पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है.

ऑनलाइन माध्यम: श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के जरिए भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी. 

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स्वास्थ्य प्रमाणपत्र है अनिवार्य
अमरनाथ की यात्रा अत्यधिक ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाली होती है, इसलिए पंजीकरण के लिए अधिकृत डॉक्टरों द्वारा जारी किया गया अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (CHB) आवश्यक है. बिना स्वास्थ्य जांच और वैध परमिट के किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. 

यात्रा मार्ग और तैयारी
यह यात्रा पारंपरिक पहलगाम मार्ग और बालटाल मार्ग, दोनों ही रास्तों से संचालित की जाएगी.  प्रशासन ने भक्तों के लिए सुरक्षा, चिकित्सा शिविर (लंगर), और ठहरने की व्यवस्था को अभी से अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने साथ गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां रखें. 

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