Akshay Tritya 2026: अक्षय तृतीया का पर्व इस साल 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर किए गए शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता और जीवन में लगातार बढ़ता रहता है. यही कारण है कि इस दिन मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा का विशेष महत्व होता है. ऐसे में पूजा के दौरान सही फूलों का चयन करना बहुत जरूरी माना जाता है, क्योंकि हर फूल का अलग आध्यात्मिक प्रभाव और ऊर्जा होती है.
लक्ष्मी जी को अर्पित करें ये फूल
मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कमल का फूल सबसे श्रेष्ठ माना जाता है. मल पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है, जो सीधे तौर पर देवी लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है. इसके अलावा गुलाब के फूल भी अर्पित किए जा सकते हैं. मान्यता है कि ये फूल घर में सुख, शांति और वैभव को आकर्षित करते हैं.
भगवान विष्णु के लिए पीले फूल शुभ
अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु की पूजा भी विशेष रूप से की जाती है. उन्हें पीले रंग के फूल, खासकर गेंदे के फूल अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है. पीला रंग समृद्धि, सौभाग्य और स्थिरता का प्रतीक है. ऐसा माना जाता है कि इससे जीवन में संतुलन और सफलता बनी रहती है.
कुबेर देव को चढ़ाएं ये खास पुष्प
धन के देवता कुबेर को प्रसन्न करने के लिए भी पीले रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना गया है. पूजा के दौरान इन फूलों के साथ कुबेर मंत्र का जाप करने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. नियमित रूप से यह उपाय करने से धन-संपत्ति में वृद्धि होने की मान्यता है.
पूजा में फूलों का महत्व क्यों है खास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में चढ़ाए जाने वाले फूल केवल श्रद्धा का प्रतीक नहीं होते, बल्कि वे सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने का माध्यम भी होते है. अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर सही फूलों का चयन करने से पूजा का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है. यही वजह है कि इस दिन विशेष रूप से शुद्ध और ताजे फूलों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है.
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